Close Menu
करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • नेपाल की भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ से तबाही: नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
    • कांकेर में भालुओं का भीषण आतंक: घरों में घुस रहे जंगली भालू, एक दरवाजे में लग रहे 7 ताले; 5 साल में 12 मौतें
    • बिलासपुर-बेंगलुरु साप्ताहिक एक्सप्रेस का नियमित परिचालन शुरू; रायपुर, दुर्ग, गोंदिया होकर चलेगी ट्रेन
    • रायपुर सेंट्रल जेल: रक्षाबंधन पर बंदियों से मिल सकेंगी बहनें; 100 ग्राम मिठाई की अनुमति, मोबाइल-पर्स पूरी तरह बैन
    • रायपुर में ₹16 लाख के सरकारी राशन का गबन: जोरा में राशन दुकान संचालक टोपेश्वर साहू गिरफ्तार, 389 क्विंटल चावल गायब
    • छत्तीसगढ़ राज्य खेल अलंकरणों की घोषणा: 82 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मिलेगा सम्मान
    • मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति का मामला गरमाया: नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल को लिखा पत्र
    • ओंकारेश्वर एकात्म धाम में पंचायतन मंदिर का भूमिपूजन: CM डॉ. मोहन यादव ने किया शिलान्यास, बंशी पहाड़पुर के पत्थरों से बनेगा भव्य मंदिर
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Thursday, August 27
    • होम
    • राज्य
      • दिल्ली
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखण्ड
      • मध्य प्रदेश
      • छत्तीसगढ़
      • हिमांचल प्रदेश
      • पंजाब
      • झारखण्ड
      • बिहार
      • राजस्थान
      • हरियाणा
      • गुजरात
      • महाराष्ट्र
      • जम्मू कश्मीर
    • देश
    • विदेश
    • मनोरंजन
    • खेल
    • टेक्नोलॉजी
    • धार्मिक
    • लाइफ स्टाइल
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Home » कांकेर में भालुओं का भीषण आतंक: घरों में घुस रहे जंगली भालू, एक दरवाजे में लग रहे 7 ताले; 5 साल में 12 मौतें

    कांकेर में भालुओं का भीषण आतंक: घरों में घुस रहे जंगली भालू, एक दरवाजे में लग रहे 7 ताले; 5 साल में 12 मौतें

    August 27, 2026 मध्य प्रदेश 4 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Email WhatsApp Copy Link

    कांकेर (छत्तीसगढ़): उत्तर बस्तर कांकेर जिले में जंगली भालुओं का आतंक दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। कभी भालू सीधे घरों के किचन में घुस रहे हैं तो कभी मकानों के मुख्य दरवाजे तोड़ रहे हैं। हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि शाम ढलते ही लोग अपने घरों में कैद होने को विवश हैं। विशेष रूप से गोविंदपुर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में लोग सुरक्षा के लिए खिड़की-दरवाजों को मजबूत करा रहे हैं और 1-2 ताले की जगह एक ही दरवाजे पर 5 से 7 लॉक लगवा रहे हैं। सबसे अधिक जोखिम ग्राउंड फ्लोर पर बने कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को है।

    📜 वन विभाग ने शहर में लगाए चेतावनी पोस्टर: हेल्पलाइन पर तुरंत मिलेगी मदद

    वन विभाग की पहल और स्थानीय प्रतिक्रिया:

    • चेतावनी पोस्टर: भालुओं के लगातार मूवमेंट वाले इलाकों और गलियों में वन विभाग द्वारा सूचनात्मक पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें आत्मरक्षा के उपाय और हेल्पलाइन नंबर दर्ज हैं।

    • त्वरित रेस्क्यू का दावा: अधिकारियों का कहना है कि हेल्पलाइन पर सूचना मिलते ही एक्सपर्ट रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंचेगी।

    • स्थानीय नागरिकों की मांग: स्थानीय नागरिक अजय भाषवानी का कहना है कि केवल पोस्टर लगाने से हल नहीं निकलेगा; वन विभाग को जंगलों में फलदार वृक्ष लगाने और पानी के स्रोत विकसित करने होंगे ताकि वन्यजीव शहर का रुख न करें। वहीं नागरिक पप्पू मोटवानी ने इन जानवरों को बस्तियों से दूर खदेड़ने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।

    🌲 प्राकृतिक भोजन और पानी की कमी से रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे भालू

    मानव-वन्यजीव संघर्ष के कारण:

    • भालुओं का प्राकृतिक वास: कांकेर के घने जंगल हमेशा से भालुओं के अनुकूल पर्यावास रहे हैं, जहां कभी पानी और भोजन की प्रचुरता थी।

    • घटते प्राकृतिक स्रोत: वनों में फलदार पेड़ों और जलस्रोतों की कमी के चलते भालू भोजन की तलाश में बस्तियों और खेतों की तरफ आ रहे हैं।

    • बढ़ता संघर्ष: शहरी सीमाओं तक भालुओं की आमद से मानव और वन्यजीवों के बीच सीधा टकराव शुरू हो गया है।

    🩸 गोविंदपुर में भाई-बहन की गई थी जान, किचन का दरवाजा तोड़कर घुसे भालू

    हालिया खौफनाक घटनाएं:

    • किचन में घुसे भालू: हाल ही में गोविंदपुर में 2 भालू दरवाजा तोड़कर घर के किचन में घुस गए। गनीमत रही कि परिजनों ने समय रहते खुद को दूसरे कमरे में बंद कर लिया।

    • खेत में हमला: पूर्व में गोविंदपुर इलाके में ही खेत में कार्य कर रहे एक भाई-बहन को भालू ने नोंच-नोंचकर मार डाला था, जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने ट्रेंकुलाइज भालू पर लाठियों से हमला कर दिया था।

    🛡️ कलेक्टर और वन विभाग की तैयारी: रात में गश्त और खुले में कचरा फेंकने पर रोक

    प्रशासनिक कदम और दिशानिर्देश:

    • कलेक्टर की अपील: कांकेर कलेक्टर कुंदन कुमार ने नागरिकों से जंगली जानवरों से दूरी बनाए रखने और आपात स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन पर सूचना देने की अपील की है।

    • रात्रिकालीन पेट्रोलिंग: वन विभाग के एसडीओ एस.आर. मरकाम के अनुसार, संवेदनशील बस्तियों में रात के समय लगातार वन अमला गश्त कर रहा है।

    • होटल-दुकानों को निर्देश: खुले में खाद्य सामग्री और जूठन फेंकने पर रोक लगाई जा रही है, क्योंकि इसी गंध से आकर्षित होकर भालू रिहायशी क्षेत्रों में दाखिल होते हैं।

    📊 5 वर्षों में भालू के हमले से 12 की मौत, 55 लोग घायल

    वन विभाग के आधिकारिक आंकड़े:

    • भालुओं की संख्या: कांकेर वन मंडल क्षेत्र में वर्तमान में 100 से अधिक भालू सक्रिय हैं।

    • 5 साल के आंकड़े (2021 से 2026): भालू के हमलों में कुल 12 लोगों की जान जा चुकी है और 55 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसी अवधि में तेंदुए के हमलों में 9 लोगों की मौत हुई।

    • हालिया मामले: पिछले 1 महीने में भालू के हमलों से लारगांव-मरकाटोला और चांवड गांव में 3 लोगों की मौत हुई तथा 2 लोग घायल हुए।

    • जागरूकता और पौधरोपण: जागरूकता अभियानों के साथ-साथ वनों में दीर्घकालिक स्तर पर फलदार पौधे रोपने से ही इस गंभीर संकट का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।

    Follow on Google News Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp Copy Link

    Keep Reading

    मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति का मामला गरमाया: नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल को लिखा पत्र

    ओंकारेश्वर एकात्म धाम में पंचायतन मंदिर का भूमिपूजन: CM डॉ. मोहन यादव ने किया शिलान्यास, बंशी पहाड़पुर के पत्थरों से बनेगा भव्य मंदिर

    इंदौर में मामूली विवाद के बाद चौकीदार की कार से कुचलकर हत्या, पत्नी घायल; आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

    चीनी की महंगाई पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का अजीबोगरीब तर्क; बोले- ’40 पार वाले चीनी खाना छोड़ दें

    मध्य प्रदेश निकाय व पंचायत चुनावों में बड़े बदलाव की तैयारी: अब 1 चरण में मतदान कराने पर विचार

    रील के चक्कर में कार पर लगवाए 3400 लिपस्टिक किस: ग्वालियर में 55 लाख व्यूज मिलते ही पुलिस ने काटा ₹5500 का चालान

    • Facebook
    • YouTube
    • WhatsApp
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube

    राज्य -  दिल्ली    उत्तर प्रदेश    उत्तराखण्ड    मध्य प्रदेश    छत्तीसगढ़    हिमांचल प्रदेश    पंजाब    झारखण्ड    बिहार   राजस्थान    हरियाणा

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.