मुंबई : महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) द्वारा आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अपनी जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। परीक्षा में सातवीं रैंक (Rank 7) हासिल करने वाली मुख्य आरोपी ऋतुजा पाटील, उसके पिता अमृत पाटील और अन्य सह-आरोपियों से सघन पूछताछ जारी है। जांच में (MPSC drug inspector paper leak) यह भी बात सामने आई है कि सबूत नष्ट करने के इरादे से आरोपी ऋतुजा पाटील का मोबाइल फोन उल्हास नदी में फेंक दिया गया था।

 शक से बचने के लिए जानबूझकर 10 सवाल किए गलत

20 मार्च को हुई बातचीत में ऋतुजा ने एक विशेष प्रश्नसंच के सवालों के परीक्षा में आने की प्रबल संभावना का जिक्र किया था। चैट में यह भी योजना बनाई गई थी कि 10 सवालों को जानबूझकर गलत हल किया जाए, ताकि अत्यधिक अंक आने पर किसी जांच एजेंसी या आयोग को कोई संदेह न हो। परीक्षा समाप्त होने के बाद 22 मार्च की चैट में ऋतुजा ने कथित तौर पर माना कि उपलब्ध कराए गए प्रश्नों में से 78 सवाल हूबहू परीक्षा में आए थे।

 वांटेड आरोपी मयूर ठाकरे का कनेक्शन 

इन चैट्स में मामले के वांटेड आरोपी मयूर ठाकरे का नाम बार-बार सामने आया है। क्राइम ब्रांच अब इस बात की कड़ियां जोड़ रही है कि पेपर लीक कराने में मयूर की सीधी भूमिका क्या थी। चैट से यह भी खुलासा हुआ है कि ऋतुजा के पिता अमृत पाटील ने मयूर ठाकरे को सख्त हिदायत दी थी कि इस पेपर लीक और क्वेश्चन बैंक की जानकारी किसी तीसरे व्यक्ति, यहां तक कि अपने परिवार के सदस्यों को भी नहीं होनी चाहिए।

 5 लाख रुपये में हुआ था सौदा 

जांच में सामने आई व्हाट्सएप बातचीत में परीक्षा सामग्री के (MPSC drug inspector paper leak) बदले 5 लाख रुपये की मांग का  उल्लेख है, जिसे अगले दिन तक जुटाने को लेकर विस्तृत बातचीत दर्ज है।  ऋतुजा का व्यक्तिगत मोबाइल अभी तक बरामद नहीं हो सका है, जिसके कारण गौरव पाटील के फोन से मिली 270 पन्नों की चैट ही इस केस का सबसे बड़ा डिजिटल आधार बन गई है।

 

 

 

 

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