भोपाल : मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए हो रहे चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना तीसरा उम्मीदवार उतारकर सबको चौंका दिया है। पार्टी ने महेश केवट को टिकट देकर मुकाबले को (will be cross voting) रोमांचक और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। इस मास्टरस्ट्रोक ने कांग्रेस खेमे में हलचल मचा दी है, जिससे अब ‘क्रॉस वोटिंग’ का खतरा मंडराने लगा है।
कौन हैं महेश केवट?
महेश केवट, जो वर्तमान में मध्य प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष हैं, एक अनुभवी जमीनी कार्यकर्ता हैं। 1984 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और ABVP के साथ जुड़े रहे केवट ने संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। केवट समाज का बड़ा चेहरा होने के नाते, बीजेपी उन्हें बुंदेलखंड के सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने वाले उम्मीदवार के रूप में देख रही है।
📊 तीसरी सीट का सियासी गणित
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बीजेपी का लक्ष्य: बीजेपी को तीसरी सीट जीतने के लिए केवल 8 अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता है।
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कांग्रेस की स्थिति: कांग्रेस के पास 62 वोट हैं और जीत के लिए 58 वोट की जरूरत है, लेकिन बीजेपी के तीसरे कैंडिडेट के बाद कांग्रेस को अपने विधायकों को एकजुट रखना बड़ी चुनौती बन गया है।
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कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग का डर
अपने विधायकों को सुरक्षित रखने के लिए कांग्रेस अब उन्हें दूसरे राज्य भेजने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी अपने विधायकों को विशेष विमान से कर्नाटक भेजने की योजना बना रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बंगले पर बैठक के बाद विधायकों के साथ परिवार के सदस्यों को भी सुरक्षित ठिकानों पर ले (will be cross voting) जाने की तैयारी है, ताकि चुनाव तक कोई सेंधमारी न हो सके।
