रांची : झारखंड में राज्यसभा चुनाव के नामांकन को लेकर स्थिति गरमा गई है। परिमल नाथवानी के नामांकन में कथित खामियों को लेकर छिड़े विवाद ने विधानसभा परिसर में हिंसक और हंगामेदार रूप ले लिया है। बुधवार (Parimal Nathwani Nomination) को नामांकन की स्क्रूटनी के दौरान भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच जमकर नारेबाजी और हल्की नोंकझोंक देखी गई।
Parimal Nathwani Nomination – राज्यसभा की दो सीटों के लिए दो प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए हैं, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन पर आज शाम तक फैसला अपेक्षित है। कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा के प्रस्तावक की शिकायत के बाद, रिटर्निंग ऑफिसर रंजीत कुमार की मौजूदगी में मामले की सुनवाई शुरू हुई, जिसमें सभी पक्षों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
इसे भी पढ़ें – Bokaro Crime: नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म, वीडियो वायरल करने की धमकी; 2 आरोपी गिरफ्तार
हंगामे की मुख्य वजह रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष में प्रवेश को लेकर रहा। कांग्रेस का आरोप है कि उनके पक्ष रखने आए सलमान खुर्शीद को जानबूझकर रोका गया, जबकि भाजपा नेताओं को अंदर जाने की अनुमति दी गई। इसी बात को लेकर कांग्रेस विधायक शिल्पी नेहा तिर्की, दीपिका पांडे सिंह और डॉ. इरफान अंसारी समेत कई अन्य नेताओं ने रिटर्निंग ऑफिसर पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया।
भाजपा-कांग्रेस समर्थकों में तीखी नोंकझोंक
विधानसभा परिसर के अंदर और बाहर दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। स्थिति तब और बिगड़ गई जब कांग्रेस और भाजपा की महिला नेत्रियों के बीच तीखी बहस हुई। अंततः पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत कराया गया। राज्यसभा चुनाव के ऑब्जर्वर के. रवि कुमार भी स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
