इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर विधानसभा में चल रहे बजट सत्र में सवाल उठाया गया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के पूछे सवाल पर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने विधानसभा (official confirmation of 20 deaths) में एक्यूट डायरिया से 20 लोगों की मौत की बात स्वीकारी है।

इसके साथ ही 459 मरीजों का उपचार और वर्तमान में चार मरीज का अस्पताल में इलाज जारी होना बताया गया। राष्ट्रीय जीवाणु संक्रमण अनुसंधान संस्थान कोलकाता, एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर और जिला सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला इंदौर की लैब बीमारियों के मरीजों के स्टूल की जांच में ई-कोलाई और कालरा भी मिला है।

भागीरथपुरा में दूषित पानी से लोगों की मौत के मामले में विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और राजेंद्र शुक्ल पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। नैतिकता के आधार पर मंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए। 21 दिसंबर से लोग मर रहे हैं। इसके आठ दिन बाद सरकार कार सेवा करने में जुटी।

इसके साथ ही मृतकों के परिजनों को दो की बजाए चार लाख रुपये दिए जाएं। इस पर भाजपा नेताओं ने यूनियन कार्बाइड के समय नैतिकता की बात कही। इस पर हंगामा होने लगा और विधानसभा के गर्भगृह में कांग्रेस नेता खड़े हो गए। इस दौरान 5 मिनट के लिए विधानसभा स्थगित कर दी गई।

official confirmation of 20 deaths – वहीं भागीरथपुरा के स्थानीय लोगों के अनुसार अब तक यहां दूषित पानी से 33 लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में सरकार द्वारा आज विधानसभा में प्रस्तुत किए गए मौत के आंकड़ों में जान गंवाने वाले 13 लोग शामिल नहीं है।

 

 

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