मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के महाआयोजन से पहले एक अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने की भव्य तैयारी है. राज्य सरकार इसे प्रदेश की पहली ‘मेडिसिटी’ (Medicity) के तौर पर विकसित (6 new government medical colleges will open) कर रही है. उल्लेखनीय है कि पिछले विधानसभा चुनाव के पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने संकल्प पत्र में भी राज्य में एक विश्वस्तरीय मेडिसिटी बनाने की आधिकारिक घोषणा की थी. अगला विधानसभा चुनाव साल 2028 के अंत में संभावित है, और सरकार उससे पहले ही इस मेडिसिटी को धरातल पर उतारने के प्रयास में जुट गई है.
दो साल में खुलेंगे 6 नए सरकारी कॉलेज
मध्य प्रदेश में आगामी दो वर्षों के भीतर छह नए सरकारी कॉलेज खुलने से प्रदेश में शासकीय मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या बढ़कर 25 हो जाएगी, जिससे सरकारी कोटे में एमबीबीएस की कम से कम 3450 सीटें उपलब्ध हो सकेंगी. इसी के समानांतर, पीपीपी (PPP) मॉडल सहित करीब 13 नए निजी (Private) मेडिकल कॉलेज भी खुलने की स्थिति में हैं, जिनमें 1300 अतिरिक्त सीटें जोड़ी जाएंगी. इस प्रकार शासकीय और निजी दोनों क्षेत्रों को मिलाकर प्रदेश में कुल 1900 सीटें बढ़ जाएंगी.
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6 new government medical colleges will open – वर्तमान आंकड़ों की बात करें तो अभी प्रदेश के 19 शासकीय कॉलेजों में एमबीबीएस की 2850 और 14 निजी कॉलेजों में 2700 सीटें मिलाकर कुल 5550 सीटें हैं, जो साल 2028 तक बढ़कर 7450 हो जाएंगी. यदि सब कुछ योजना के अनुरूप सही दिशा में चला, तो वर्ष 2033 तक मध्य प्रदेश में हर साल 7450 नए डॉक्टर तैयार होकर निकलने लगेंगे.


