भोपाल: उज्जैन में जमीन खरीद-फरोख्त के कथित मामले ने मध्य प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के बचाव में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के उतरने के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। इस समर्थन ने न केवल बीजेपी के भीतर के समीकरणों पर सवाल उठाए हैं, बल्कि विपक्ष के अन्य दलों को भी सपा पर निशाना साधने का मौका दे दिया है।

🎤 ओवैसी का सपा पर कटाक्ष: “यह है यादव समाजवाद”

मुख्यमंत्री मोहन यादव के बचाव में आए अखिलेश यादव पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि सपा का ‘समाजवाद’ असल में सिर्फ ‘यादव समाजवाद’ है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में जब अल्पसंख्यकों पर जुल्म होता है, तब सपा प्रमुख चुप रहते हैं, लेकिन भाजपा के एक मुख्यमंत्री के लिए उन्हें इतनी हमदर्दी है।

🛡️ अखिलेश यादव का दावा: “बीजेपी की आंतरिक साजिश”

सपा चीफ अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले को बीजेपी की अंदरूनी साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि मोहन यादव को बदनाम करने का काम बीजेपी के ही कुछ नेता कर रहे हैं, क्योंकि पार्टी नेतृत्व मध्य प्रदेश सहित तीन राज्यों में सीएम बदलना चाहता है। अखिलेश ने कहा कि मोहन यादव का रियल एस्टेट बैकग्राउंड सबको पता था, फिर भी अब उन्हें फंसाया जा रहा है।

📊 कांग्रेस ने लगाए बड़े आरोप

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तथ्यों के साथ आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि 2021 से 2025 के बीच मुख्यमंत्री के परिजनों और रिश्तेदारों के नाम पर 335 एकड़ भूमि खरीदी गई है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए।

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