भोपाल: टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को एक पुराने मानहानि मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी है और उनकी याचिका को फिर से बहाल कर दिया है। इससे पहले, वकीलों के अदालत में उपस्थित न होने के कारण वारंट पर लगी रोक हटा दी गई थी और याचिका खारिज कर दी गई थी।

📜 क्या है पूरा विवाद?

यह मामला साल 2021 का है, जब इंदौर के पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। शिकायत के अनुसार, नवंबर 2020 में कोलकाता की एक राजनीतिक रैली के दौरान अभिषेक बनर्जी ने आकाश विजयवर्गीय को कथित तौर पर ‘गुंडा’ कहा था। आकाश विजयवर्गीय का कहना है कि इस टिप्पणी से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचा है।

🏛️ अदालत का रुख और कानूनी लड़ाई

शिकायत के बाद भोपाल की विशेष अदालत ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, जिसे बनर्जी ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। अपनी याचिका में सांसद ने दलील दी थी कि वे एक जन प्रतिनिधि हैं, अतः उनके भागने की कोई आशंका नहीं है। अदालत ने पहले 12 नवंबर 2025 को उनके वारंट पर रोक लगा दी थी, लेकिन हाल ही में सुनवाई के दौरान अनुपस्थिति के कारण स्थिति बदल गई थी। अब हाई कोर्ट द्वारा याचिका बहाल किए जाने से सांसद को बड़ी कानूनी राहत मिली है।

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