Close Menu
करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने पर कैलाश विजयवर्गीय की दो टूक, कहा- आशुतोष तिवारी भारी मतों से जीतेंगे
    • MP Crime News: लवकुशनगर में 8वीं के छात्र के साथ कुकर्म, आरोपी सरकारी कर्मचारी सलाखों के पीछे
    • मुजफ्फरनगर: कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे पर चढ़कर युवक ने कोतवाल को दी वर्दी उतरवाने की धमकी, वीडियो वायरल
    • IND vs ENG: साउथैम्प्टन में टीम इंडिया की साख दांव पर, क्या नंबर 1 का ताज बचा पाएंगे रोहित?
    • टीवी एक्टर रोहित चंदेल गिरफ्तार: नाबालिग का पीछा करने और मारपीट के मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
    • स्पेन में जंगल की आग का तांडव: 12 लोगों की मौत, 23 लापता; यूरोप में भीषण गर्मी का कहर
    • Sony RX10 V लॉन्च: 25x ऑप्टिकल ज़ूम और AI फीचर्स वाला दमदार कैमरा, जानें कीमत और खूबियां
    • Shani Dev Puja: शनिवार को न करें ये काम, वरना झेलना पड़ सकता है शनिदेव का प्रकोप!
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Saturday, July 11
    • होम
    • राज्य
      • दिल्ली
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखण्ड
      • मध्य प्रदेश
      • छत्तीसगढ़
      • हिमांचल प्रदेश
      • पंजाब
      • झारखण्ड
      • बिहार
      • राजस्थान
      • हरियाणा
      • गुजरात
      • महाराष्ट्र
      • जम्मू कश्मीर
    • देश
    • विदेश
    • मनोरंजन
    • खेल
    • टेक्नोलॉजी
    • धार्मिक
    • लाइफ स्टाइल
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Ad
    Home » सरकारी नौकरी के लिए ‘दो बच्चों’ की सीमा खत्म; मोहन सरकार का बड़ा फैसला, कर्मचारियों को बड़ी राहत

    सरकारी नौकरी के लिए ‘दो बच्चों’ की सीमा खत्म; मोहन सरकार का बड़ा फैसला, कर्मचारियों को बड़ी राहत

    June 10, 2026 मध्य प्रदेश 2 Mins Read
    limit of two children
    Share
    Facebook Twitter Email WhatsApp Copy Link

    भोपाल : मध्य प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने शासकीय सेवाओं में ‘दो बच्चों’ की अधिकतम (limit of two children) सीमा संबंधी प्रावधान को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी कर पोर्टल से पुरानी जानकारी हटाने और नवीन प्रारूप प्रकाशित करने को कहा गया है।

    📜 क्या था 25 साल पुराना नियम?

    वर्ष 2001 में तत्कालीन दिग्विजय सरकार द्वारा यह नियम लागू किया गया था। इस प्रावधान के तहत:

      • सीधी भर्ती में अयोग्यता: 26 जनवरी 2001 या उसके बाद दो से अधिक जीवित संतान होने पर उम्मीदवार शासकीय सेवा के लिए अपात्र माने जाते थे।

      • अनुशासनहीनता का दायरा: मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत, यदि किसी कार्यरत सरकारी कर्मचारी की तीसरी संतान होती थी, तो इसे ‘अनुशासनहीनता’ माना जाता था और उस पर विभागीय कार्रवाई का प्रावधान था।

    🚀 अब क्या होगा बदलाव?

    सरकार के इस फैसले के बाद, अब राज्य में शासकीय नियुक्तियों और सेवा की शर्तों में दो बच्चों की बाध्यता समाप्त हो गई है। यह कदम न केवल वर्तमान कर्मचारियों को विभागीय कार्रवाई के डर से (limit of two children) मुक्त करेगा, बल्कि नई भर्तियों में भी उम्मीदवारों को राहत प्रदान करेगा। प्रशासन अब इस नवीन प्रारूप को विधिवत रूप से प्रकाशित करने की प्रक्रिया में जुट गया है।

    Follow on Google News Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp Copy Link

    Keep Reading

    नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने पर कैलाश विजयवर्गीय की दो टूक, कहा- आशुतोष तिवारी भारी मतों से जीतेंगे

    MP Crime News: लवकुशनगर में 8वीं के छात्र के साथ कुकर्म, आरोपी सरकारी कर्मचारी सलाखों के पीछे

    Datia By-Election: नरोत्तम मिश्रा के गढ़ में आशुतोष तिवारी की एंट्री, जानें क्या है भाजपा की नई रणनीति?

    दतिया उपचुनाव : नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर मचा बवाल, भाजपा कार्यालय पर जमकर हुआ प्रदर्शन

    दतिया में ASP के दामोदर यादव ने भरा नामांकन, क्षत्रिय समाज ने किया BJP का समर्थन

    नरोत्तम मिश्रा ने उपचुनाव से पहले दिखाई ताकत, सैकड़ों महिलाओं-युवाओं को दिलाई BJP की सदस्यता

    • Facebook
    • YouTube
    • WhatsApp
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube

    राज्य -  दिल्ली    उत्तर प्रदेश    उत्तराखण्ड    मध्य प्रदेश    छत्तीसगढ़    हिमांचल प्रदेश    पंजाब    झारखण्ड    बिहार   राजस्थान    हरियाणा

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.