मुरैना : सोमवार देर शाम मुरैना में पुलिस की कार्रवाई का रोमांचक व सनसनी भरा दृश्य देखने मिला. यहां जनकपुर गांव में आरक्षक को गोली मारने वाले कुख्यात बदमाश हददू उर्फ सौरव गुर्जर और अंकुश गुर्जर को सरेंडर करने से पहले पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. बदमाशों की चाल तब उलटी पड़ गई जब दोनों छिपकर जिला कोर्ट (Haddu and Ankush Gurjar) पहुंचे थे. लेकिन केस डायरी समय पर नहीं पहुंचने की वजह से दोनों की सुनवाई नहीं हो सकी. तभी कोर्ट ने बाहर निकलते ही बदमाशों को पुलिस ने फिल्मी अंदाज में दबोच लिया.
3 नवंबर को मुरैना के जनकपुर गांव में ग्वालियर के महाराजपुरा थाने की पुलिस एक फरारी वारंटी हद्दू उर्फ सौरव गुर्जर को पकड़ने पहुंची थी. तभी आरोपी हददू, के भाई गौरव और अन्य ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया. फायरिंग में आरक्षक अनिल तोमर गंभीर रूप से घायल हो गए थे. घटना के बाद ग्वालियर और मुरैना पुलिस संयुक्त रूप से 15 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर चार दिनों से लगातार दबिश दे रही थी.
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इसी दबिश से बचने के लिए दोनों मुख्य आरोपी सोमवार शाम अचानक मुरैना जिला न्यायालय पहुंचे और सरेंडर करने का प्रयास किया. कोर्ट में सुनवाई नहीं हो पाने पर दोनों आरोपियों ने मौके का फायदा उठाकर भीड़ में गुम होकर निकलना चाहा, लेकिन पुलिस उनसे एक कदम आगे निकली.
Haddu and Ankush Gurjar – पुलिस को पहले ही इनके कोर्ट पहुंचने की भनक लग चुकी थी. ग्वालियर महाराजपुरा थाने की टीम और मुरैना सिविल लाइन थाना प्रभारी अपनी पूरी फोर्स के साथ अदालत परिसर के बाहर तैनात थे, जैसे ही दोनों आरोपी कोर्ट से बाहर निकले और तेजी से आगे बढ़ने लगे, पुलिस ने फिल्मी अंदाज में चारों ओर से घेराबंदी कर उन्हें वहीं धर दबोचा.

