विदिशा : मध्यप्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित सीटों में से एक, भारतीय जनता पार्टी के (Mama In Front Dada) गढ़ के नाम से प्रचलित विदिशा यूं तो इस बार पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद से ही सबकी नजरों में थी, लेकिन कांग्रेस ने यहां से एक बार फिर पूर्व सांसद प्रताप भानु शर्मा पर दांव खेल कर इसे और चर्चाओं का केंद्र बना दिया।
Mama In Front Dada – चार बार इस संसदीय क्षेत्र से सांसद रह चुके श्री चौहान जहां पूरे राज्य में ‘मामा’ के नाम से पहचाने जाते हैं, वहीं श्री शर्मा ने सांसद रहते हुए पूरे संसदीय क्षेत्र में ‘दादा’ के नाम से पहचान बनाई है। ऐसे में अब ये चुनाव मामा और दादा के बीच की जंग का सामना कर रहा है। ये संसदीय क्षेत्र इसके पहले भी अपने दिग्गज प्रत्याशियों के चलते देश भर में सुर्खियां बटोर चुका है।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इस संसदीय क्षेत्र का संसद में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। लगभग तीन दशक से भी ज्यादा समय से भाजपा का अभेद किला बने हुए इस क्षेत्र में पिछले चुनाव में पार्टी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव ने लगभग पांच लाख से भी अधिक मतों से कांग्रेस प्रत्याशी शैलेद्र पटेल को पराजित किया था। ऐसे में अब सबकी निगाहें इस बार यहां से जीतने वाले प्रत्याशी और उनकी जीत के अंतर पर टिकी हुई हैं। समूचे लोकसभा क्षेत्र में भाजपा की ओर से प्रचार का मैदान श्री चौहान ने स्वयं संभाला हुआ है।

