शिरडी : भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने और ‘मेक इन इंडिया’अभियान को वैश्विक पटल पर स्थापित करने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया (defense complex will be built in Shirdi) गया है। स्वदेशी ‘सूर्यास्त्र रॉकेट लॉन्चर सिस्टम’ के शानदार और सफल परीक्षणों के बाद, अब महाराष्ट्र के शिरडी (अहिल्या नगर जिला) में स्थित निबे (NIBE) ग्रुप के अत्याधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स में हर साल करीब 5 लाख आधुनिक आर्टिलरी शेल (तोप के गोले) तैयार किए जाएंगे।
🚀 155mm के गोले से लेकर सूर्यास्त्र रॉकेट लॉन्चर तक
शिरडी के इस अत्याधुनिक कॉम्प्लेक्स में भारतीय सेना की रीढ़ माने जाने वाले 155mm, 120mm, L-50 और 125mm जैसी खतरनाक और आधुनिक तोपों के गोले मुख्य रूप से निर्मित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, यहाँ नेक्स्ट-जेन गाइडेड मिसाइल सिस्टम, सैन्य अभियानों के लिए निगरानी व अटैक ड्रोन (Drones) और हैवी रॉकेट लॉन्चरों का निर्माण भी पूरी तरह स्वदेशी मैटेरियल के साथ किया जा रहा है, जो भारतीय तोपखाने (Artillery) को दुनिया में सबसे घातक बनाएगा।
💰 ₹3,000 करोड़ का मेगा निवेश और 2,000 युवाओं को रोजगार
अगर इस मेगा प्रोजेक्ट के आर्थिक और ढांचागत ढांचे पर नजर डालें तो यह पूरा डिफेंस कॉरिडोर वर्तमान में लगभग 200 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 3,000 एकड़ तक विस्तार योग्य (Expandable) बनाया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित कुल लागत ₹3,000 करोड़ से भी ज्यादा आंकी गई है। इस इकाई के पूरी तरह चालू होने से क्षेत्र के लगभग 2,000 से अधिक स्थानीय युवाओं (defense complex will be built in Shirdi) को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से उच्च-स्तरीय रोजगार के अवसर मिलेंगे.
