सोनीपत: हरियाणा के सोनीपत जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों पर नकेल कसते हुए पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। इलाका सोनीपत के गांव रेवली के पास नहर का है, जहां स्पेशल एंटी गैंगस्टर यूनिट सेक्टर-7 और क्राइम यूनिट कुंडली की संयुक्त टीम ने एक साहसिक मुठभेड़ के बाद तीन हार्डकोर बदमाशों को काबू कर लिया है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, यह वही पेशेवर शूटर और बदमाश हैं जिन्होंने कुछ दिन पहले खरखौदा अदालत (Kharkhoda Court) के बाहर दिनदहाड़े हिस्ट्रीशीटर नीरज उर्फ कातिया को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया था और तब से लगातार फरार चल रहे थे।

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस की ज्वाइंट टीमों को बदमाशों की लोकेशन रेवली नहर के पास मिली थी, जिसके बाद तुरंत घेराबंदी कर ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया गया। जैसे ही पुलिस टीम ने बदमाशों को सरेंडर करने और रुकने का इशारा किया, तो खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में त्वरित जवाबी कार्रवाई की। इस आमने-सामने की मुठभेड़ में तीनों बदमाशों के पैर में गोलियां लगी हैं, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें जमीन पर दबोच लिया। पकड़े गए शातिर बदमाशों की पहचान साहिल, एक अन्य साहिल और सोहन के रूप में हुई है, जो झज्जर जिले के गांव दूबलधन के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

⚔️ खरखौदा अदालत परिसर के बाहर आपसी रंजिश में की थी नीरज कातिया की हत्या: भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार बरामद

पुलिस की प्राथमिक तफ्तीश में यह बात पूरी तरह साफ हो गई है कि इन तीनों आरोपियों ने पुरानी आपसी रंजिश और गैंगवार के चलते खरखौदा अदालत परिसर के मुख्य गेट के बाहर हिस्ट्रीशीटर नीरज उर्फ कातिया की अंधाधुंध गोलियां बरसाकर जघन्य हत्या कर दी थी। मुठभेड़ के दौरान घायल हुए तीनों बदमाशों को पुलिस सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच तत्काल इलाज के लिए सोनीपत के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि तलाशी के दौरान बदमाशों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल वे किसी अन्य बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए करने वाले थे। फिलहाल सोनीपत पुलिस के आला अधिकारी और फॉरेंसिक एक्सपर्ट पूरे मामले की गंभीरता से वैज्ञानिक जांच में जुटे हुए हैं ताकि अदालत में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें।

🔫 स्पेशल एंटी गैंगस्टर यूनिट इंचार्ज अजय धनखड़ का बड़ा बयान: बदमाशों के पास से मिले 5 अवैध पिस्टल, जांच अभी भी जारी

इस सनसनीखेज मुठभेड़ की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए स्पेशल एंटी गैंगस्टर यूनिट के इंचार्ज अजय धनखड़ ने बताया कि खरखौदा अदालत परिसर के बाहर हिस्ट्रीशीटर नीरज उर्फ कातिया की हत्या के संगीन आरोप में वांछित चल रहे तीन मुख्य शूटरों को रेवली नहर के पास से मुठभेड़ के बाद दबोचा गया है। गिरफ्तार आरोपियों में झज्जर के दूबलधन गांव के रहने वाले दो साहिल और एक सोहन शामिल हैं।

इंचार्ज ने बताया कि जैसे ही हमारी टीमों ने इन्हें रोकने का प्रयास किया, इन्होंने क्राइम ब्रांच की गाड़ी पर सीधे गोलियां चलाईं। पुलिस द्वारा की गई जवाबी डिफेंस फायरिंग में तीनों बदमाशों के पैर में गोलियां लगीं और उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि इन तीनों की नीरज उर्फ कातिया के साथ पुरानी और गहरी रंजिश चल रही थी। पुलिस ने इनके पास से 5 अत्याधुनिक अवैध पिस्टल और कई जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस पूरे आपराधिक नेटवर्क और इन्हें शरण देने वाले मददगारों के खिलाफ जांच अभी भी पूरी गहराई से जारी है।

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