महासमुंद: जिला पुलिस और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 10 माह से फरार चल रहे मुख्य आरोपी और वाहन मालिक कंभूपानी बिशोई (46 वर्ष) को ओडिशा के गंजाम जिले से गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से तस्करी के बड़े नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद बढ़ गई है।
💥 क्या था मामला?
घटना 22 जुलाई 2025 की है, जब खल्लारी थाना क्षेत्र के एनएच-353 पर गांजा ले जा रही एक कार ने मोटरसाइकिल सवार को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में बाइक चालक की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। वाहन छोड़कर फरार हुए तस्करों की गाड़ी की तलाशी लेने पर पुलिस ने 190 किलोग्राम गांजा बरामद किया था, जिसकी कीमत करीब 28.49 लाख रुपये थी।
⛓️ पुलिस की ‘एंड-टू-एंड’ कार्रवाई
मामले में मुख्य आरोपी कंभूपानी बिशोई और उसका भाई अमूल्य बिशोई लगातार पुलिस को चकमा दे रहे थे। अमूल्य बिशोई को पुलिस ने इसी वर्ष अप्रैल में गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद मास्टरमाइंड कंभूपानी की तलाश तेज कर दी गई थी। तकनीकी विश्लेषण और खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने ओडिशा के चिल्का-गंजाम क्षेत्र से उसे दबोच लिया।
👮 नेटवर्क को तोड़ने का अभियान
महासमुंद पुलिस ने अब तक गांजा तस्करी के 36 मामलों में ‘एंड-टू-एंड’ कार्रवाई की है। यानी पुलिस सिर्फ गांजा ही नहीं पकड़ने, बल्कि तस्करी के सोर्स से लेकर डेस्टिनेशन तक पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी है। महासमुंद को तस्करी के लिए इस्तेमाल करने वाले तस्करों के खिलाफ पुलिस का यह ‘अभियान’ काफी सफल माना जा रहा है। गिरफ्तार आरोपी को सोमवार, 15 जून 2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।


