महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले लाडली बहन योजना की शुरुआत की गई थी. इस योजना के शुरू होने से सरकार को चुनावों में काफी फायदा भी मिला था. उस समय सरकार की तरफ से इस योजना को चलाने के लिए 36,000 करोड़ रुपये का कोष निर्धारित किया गया था. हालांकि एक साल बाद इस योजना पर खर्च हुई रकम का (Ladli Behna scheme was expensive) खुलासा हुआ है, जिससे पता चला है कि इस योजना को चलाने के लिए निर्धारित कोष से ज्यादा रकम खर्च की गई है.

आरटीआई खुलासे के अनुसार, महाराष्ट्र की लाड़की बहन योजना पर एक साल में ₹43,045 करोड़ से अधिक खर्च हुए हैं. हालांकि लाभार्थियों की संख्या घटने से कुछ बचत हुई है, लेकिन पर भविष्य के लिए निर्धारित ₹36,000 करोड़ के कोष के मुकाबले यह खर्च अधिक है.

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Ladli Behna scheme was expensive – लाडली बहन योजना के तहत जुलाई 2024 से जून 2025 तक 43,045.06 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं. इस बात का खुलासा आरटीआई से हुआ है. इसका खुलासा आरटीआई कार्यकर्ता जितेंद्र घाडगे ने किया है.

सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये का कोष निर्धारित किया है. हालांकि, पहले वर्ष में औसत मासिक व्यय 3,587 करोड़ रुपये था. इसलिए, यदि लाभार्थियों की संख्या मानदंडों के अनुसार और कम नहीं होती है, तो ऐसी संभावना है कि इससे सरकारी खजाने पर दबाव बढ़ेगा.

 

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