गरुड़ पुराण को 18 महापुराणों में शामिल किया गया है. ये एक महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथ माना जाता है. ये पुराण जगत के पालनहार भगवान विष्णु और पक्षी राज गरुड़ के बीच हुए संवाद पर आधारित है. गरुड़ पुराण (Mahamantra of Garuda purana) में जीवन, मृत्यु, पाप, पुण्य, आत्मा की यात्रा और मोक्ष के बारे में बताया गया है.
Mahamantra of Garuda purana – जगत के पालनहार भगवान विष्णु ने पक्षी राज गरुड़ तो बताया है कि जो व्यक्ति प्राण त्यागने वाला हो, अगर उसके पास चार पावन चीजें हों तो उसकी आत्मा सरलता से, शांति से और बिना बधाओं के यात्रा पूरी करती है. आइए जानते हैं ये चार चीजें कौन सी हैं?
तुलसी
तुलसी के पौधे में माता लक्ष्मी का वास होता है. कहा जाता है कि जिस व्यक्ति की मृत्यु पास हो तो उसको तुलसी के पौधे के पास लिटा देना चाहिए. यही नहीं मृतक के मुंह में तुलसी का पत्ता या मंजरी डाल देनी चाहिए. मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति तुलसी का पत्ता डालकर प्राण त्यागता है, उसको स्वर्ग मिलता है.
कुश का आसन
कुश घास बहुत पवित्र होती है. ये शुद्धता और स्थिरता का प्रतीक है. कुश के आसन पर बैठकर जो कर्म किए जाते हैं वो बहुत फलदायी होते हैं. माना जाता है कि जो व्यक्ति मृत्यु के नजदीक हो अगर उसे कुश के आसन पर सुला दिया जाए तो मरने वाला बैकुंठ धाम जाता है.
गंगाजल
हिंदू धर्म में गंगाजल अमृत के समान माना जाता है. अंतिम समय में मरने वाले के मुख में गंगाजल अवश्य डालना चाहिए. गरुड़ पुराण के अनुसार, गंगाजल से आत्मा शुद्ध हो जाती है.
तिल
अंतिम समय में मरने वाले के हाथ से तिल का दान कराना चाहिए. तिल को उसके पास रख देना चाहिए. इससे आत्मा का बोझ हल्का होता है. पापों से मुक्ति मिलती है. इससे आत्मा की यात्रा शांत और सरल होती है.

