भोपाल : मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के बाहर की संपत्तियां बेचने और किराए पर देने की तैयारी कर रही है. वित्त विभाग इसके लिए तैयारी में जुट गया है. वित्त विभाग ने कई विभागों को पत्र लिखकर दूसरे (preparing to sell properties of other states) राज्यों में मौजूद संपत्तियों का ब्यौरा मांगा है. ऐसी संपत्तियों की भी जानकारी मांगी जा रही है, जो विवादित हैं और जिन पर कोर्ट केस चल रहे है.
preparing to sell properties of other states – कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसको लेकर सरकार पर निशाना साधा है. जीतू पटवारीने आरोप लगाया है कि “सरकार 101 संपत्तियां 110 करोड़ में बेच चुकी है. सरकार जो कर्ज ले रही है, उसे चुकाने और उसका ब्याज भरने के लिए संपत्तियां बेच रही है.” उधर, बीजेपी ने कहा है कि प्रदेश के बाहर की कोई भी संपत्ति नहीं बेची जा रही. यह हर साल होने वाली प्रक्रिया का हिस्सा है.
राज्य के अंदर मौजूद संपत्तियों के बाद अब लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग दूसरे राज्यों में मौजूद प्रदेश की संपत्तियों का लेखा-जोखा तैयार करने में जुट गया है. मध्य प्रदेश सरकार के पास केरल के वायनॉड, मुंबई के गोरेगांव, नागपुर, उत्तर प्रदेश के झांसी में संपत्ति मौजूद है. इन संपत्तियों में कई पर कानूनी विवाद चल रहा है. सरकार इसे जल्द से जल्द निपटाकर इन संपत्तियों को बेचकर या फिर विकसित करने की तैयारी कर रही है, ताकि सरकार को इससे ज्यादा से ज्यादा राजस्व प्राप्त हो सके. राज्य सरकार पिछले 5 सालों में प्रदेश के अंदर और बाहर की 101 संपत्तियां अभी तक बेच चुकी है और इससे सरकार को 110 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है.

