दुनिया में जहां एक तरफ अलग-अलग धर्म, मान्यताएं और परंपराएं साथ-साथ चलती हैं, वहीं कुछ ऐसे देश भी हैं जहां धार्मिक विविधता लगभग न के बराबर है. प्यू रिसर्च सेंटर की ताजा रिपोर्ट के (religious diversity is ending) मुताबिक, दुनिया के 10 सबसे कम धार्मिक विविधता वाले देशों में से 8 में आबादी लगभग पूरी तरह मुस्लिम है, जबकि बाकी दो देशों में अधिकांश लोग ईसाई हैं.

इन देशों में धार्मिक विविधता सबसे कम

रिपोर्ट के मुताबिक, जिन देशों में धार्मिक विविधता सबसे कम है, उनमें प्रमुख रूप से यमन अफगानिस्तान और सोमालिया शामिल हैं. इन तीनों देशों का RDI स्कोर लगभग शून्य के करीब है. इन देशों में 99.8% या उससे (religious diversity is ending) ज्यादा आबादी मुस्लिम है. यानी यहां धार्मिक रूप से लगभग एक ही पहचान देखने को मिलती है.

कैसे तय होता है धार्मिक विविधता का स्कोर?

प्यू रिसर्च सेंटर ने दुनिया की आबादी को सात धार्मिक श्रेणियों में बांटा-ईसाई, मुस्लिम, हिंदू, बौद्ध, यहूदी, अन्य धर्मों के अनुयायी और बिना किसी धर्म से जुड़े लोग. अगर किसी देश में ये सातों समूह लगभग बराबर-बराबर (करीब 14-14%) हों तो उसका स्कोर 10 के करीब होगा, लेकिन जहां एक ही धर्म 95% या उससे ज्यादा हो, वहां स्कोर शून्य के करीब पहुंच जाता है. यही वजह है कि यमन, अफगानिस्तान और सोमालिया जैसे देशों का स्कोर 0.03 से 0.04 के बीच है यानी बेहद कम विविधता.

दुनिया का सबसे विविध देश कौन?

जहां कुछ देशों में धार्मिक विविधता बेहद कम है, वहीं कुछ देश ऐसे भी हैं जहां कई धर्म साथ-साथ मौजूद हैं. रिपोर्ट के अनुसार सिंगापुर दुनिया का सबसे ज्यादा धार्मिक विविधता वाला देश है. सिंगापुर में बौद्ध (31%), ईसाई (19%), मुस्लिम (16%), हिंदू (5%), अन्य धर्मों के लोग (9%) और 20% लोग ऐसे हैं जो किसी धर्म से जुड़े नहीं हैं. इसका RDI स्कोर 9.3 है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है. दूसरे नंबर पर Suriname है, जहां ईसाई, हिंदू और मुस्लिम आबादी का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है.

Share.
Exit mobile version