छतरपुर/कटनी : आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव ने एक बार फिर बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर गंभीर आरोप लगाए. बागेश्वर धाम के पास हुए गोलीकांड में घायल किसान को देखने दामोदर यादव उसके गांव पहुंचे. दतिया उपचुनाव के रिजल्ट से पहले आज़ाद समाजवादी पार्टी (ASP) के प्रत्याशी दामोदर यादव ने खजुराहो दौरे के दौरान बाबा बागेश्वर सहित पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर विवादित टिप्पणियां की. धीरेंद्र शास्त्री को भूमाफिया बताया तो नरोत्तम मिश्रा के बारे में कहा कि वह जल्द ही बाबा बनने वाले हैं.
गोलीकांड के पीड़ितों से मिलने गांव पहुंचे
दामोदर यादव छतरपुर के कोड़ा गांव पहुंचे. यह वही गांव है जहां बाबा बागेश्वर के भाई सालिगराम गर्ग पर आरोप है कि जमीन विवाद में किसान मोती कुशवाहा को गोली मारी. गांव मे पीड़ित परिवार से दामोदर यादव और उनके साथ पूर्व विधायक आरडी प्रजापति मिलने पहुंचे. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और उनके भाई पर गंभीर आरोप लगाए. दामोदर यादव ने छतरपुर कलेक्टर और SP को भी चेतावनी देते हुए कहा “बागेश्वर धाम से जुड़े मामलों और जमीन विवादों की जांच कर कार्रवाई की जाए, नहीं तो एक सप्ताह के भीतर एक हजार गाड़ियों का काफिला लेकर बमीठा थाने आकर बैठूंगा.”
कथावाचकों को धर्म की दुकान बताया
दामोदर यादव ने भगवान परशुराम को लेकर भी विवादास्पद टिप्पणी की. उन्होंने कहा “जरूरी थोड़ी है आप जिस धर्म मे पैदा हुए, उसी में मरे, जिसको जो भी धर्म पसंद हो बदल सकता है. हमें आडंबर, पाखंड की दुकान बंद करना है. बुंदेलखंड में सामंतवाद हावी है, इसे खत्म करूंगा. इस समय धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सबसे बड़ी धर्म की दुकान है. पं. प्रदीप मिश्रा की दुकान भी बहुत बड़ी है. अब तो देवकीनंदन ठाकुर ने अपने बच्चे को भी लॉन्च कर दिया है.
“कटनी में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए Gen-Z प्रदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा “विरोध करना सभी का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान अभद्र और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में उचित नहीं है.” उन्होंने भारतीय संस्कृति, सभ्य संवाद और धार्मिक आस्था की मर्यादा बनाए रखने का संदेश दिया. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कुठला क्षेत्र स्थित अपने शिष्यों द्वारा निर्मित बागेश्वर बालाजी के नव-निर्मित मठ पहुंचे. भगवान शिव की भक्ति पूरे श्रद्धा भाव से करें, लेकिन ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे किसी की भावनाएं आहत हों या धर्म पर उंगली उठे.


