कोलकाता: दक्षिण कोलकाता के अलीपुर इलाके में एक नौ मंजिला सरकारी बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। इस अग्निकांड में लगभग 4,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) जलकर राख हो गईं। ये वही मशीनें थीं जिनका उपयोग हाल ही में संपन्न हुए राज्य विधानसभा चुनावों में 10 निर्वाचन क्षेत्रों में किया गया था।
🕵️ क्या यह कोई ‘साजिश’ है? आग फैलने के तरीके पर उठे सवाल
अग्निशमन और आपातकालीन सेवा राज्य मंत्री कौशिक चौधरी ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद इस घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “यह कोई सामान्य आग नहीं लग रही है। आग सबसे पहले दूसरी और तीसरी मंजिल पर दिखी, फिर चौथी से छठी मंजिल को छोड़े बिना सीधे सातवीं और आठवीं मंजिल तक कैसे पहुंच गई?” इस असामान्य तरीके से आग के फैलने के कारण इसे तोड़-फोड़ (Sabotage) की आशंका से जोड़कर देखा जा रहा है।
👮 FIR दर्ज, पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी
दक्षिण 24 परगना प्रशासन की शिकायत पर अलीपुर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या इसके पीछे कोई शरारत थी। फिलहाल, बिल्डिंग को सुरक्षित कर दिया गया है और आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। फोरेंसिक एक्सपर्ट्स जल्द ही मौके का मुआयना करेंगे और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाएंगे, जो इस मामले की सच्चाई उजागर करने में निर्णायक साबित होंगे।
🗣️ राजनीतिक गलियारों में गरमाई सियासत
इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने इसे गंभीर बताते हुए तोड़-फोड़ की संभावना को खारिज करने से इनकार किया है, जबकि अन्य बीजेपी नेताओं ने इसे एक ‘सुनियोजित साजिश’ करार दिया है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी दावे पर भरोसा करने के बजाय केवल फोरेंसिक रिपोर्ट और वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर ही निष्कर्ष निकालेंगे।


