खूंटी: विकास के दावों के बीच मुरहू प्रखंड के गनालोया गांव की जमीनी हकीकत चिंताजनक है। यहां नदी पर बना मुख्य पुल अवैध बालू उत्खनन और भारी वाहनों के लगातार आवागमन के कारण मौत का जाल बन चुका है। पुल के खंभों के नीचे से बालू निकालने के कारण इसकी नींव पूरी तरह खोखली हो गई है, जिससे कभी भी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
👩🌾 महिलाओं में भारी आक्रोश और प्रशासनिक उदासीनता
गनालोया गांव की महिलाओं ने इस समस्या को लेकर लंबे समय से स्थानीय विधायक, मंत्रियों और अधिकारियों के चक्कर काटे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को सब कुछ पता होने के बावजूद अवैध माफियाओं पर केवल ‘खानापूर्ति’ की कार्रवाई होती है। मिलीभगत का आलम यह है कि ट्रैक्टरों को छोड़ दिया जाता है, जिससे माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
⚔️ “अब हम खुद करेंगे बचाव”
प्रशासनिक उदासीनता से तंग आकर अब गांव की महिलाओं ने खुद इस पुल को बचाने का बीड़ा उठाया है। नारी शक्ति समिति से जुड़ी महिलाओं ने चेतावनी दी है कि वे एकजुट होकर अवैध उत्खनन को रोकेंगी। उनका कहना है कि यदि यह पुल टूट गया, तो पूरे क्षेत्र का आवागमन ठप हो जाएगा, जिसके लिए सीधे तौर पर प्रशासन जिम्मेदार होगा।
🔍 प्रशासन का आश्वासन: होगी कानूनी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुरहू सीओ शंकर विश्वकर्मा ने महिलाओं की पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा, “जल्द ही पुलिस के सहयोग से चिन्हित बालू माफियाओं और ट्रैक्टर मालिकों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, एक तकनीकी टीम भेजकर पुल की स्थिति की जांच कराई जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अविलंब रिपेयर कार्य शुरू किया जाएगा।”


