तमिलनाडु वेत्री कल्याण (TVK) पार्टी के नेता और एक्टर विजय से सीबीआई सोमवार को फिर से पूछताछ करेगी. इस भगदड़ में करीब 41 लोगों की जान चली गई थी. एक्टर विजय को (Karur Stampede Case) तलब करने का नोटिस पहले ही जारी कर दिया गया था. इससे पहले एक्टर विजय 12 जनवरी को दिल्ली में सीबीआई अधिकारियों के सामने पेश हुए थे और उनसे करीब सात घंटे तक पूछताछ हुई थी.
सूत्रों का कहना है कि अपनी पिछली पेशी के दौरान एक्टर विजय ने सवालों के जवाब ज्यादातर ‘हां या ना’ में दिए थे. साथ ही उन्होंने पिछले साल 27 सितंबर को हुई भगदड़ के लिए सीधे तौर पर तमिलनाडु पुलिस और डीएमके सरकार को जिम्मेदार ठहराया था.
उन्होंने आरोप लगाया कि खराब भीड़ मैनेजमेंट, पुलिस की कमी और पब्लिक रैली के लिए छोटी जगह देने की वजह से यह हादसा हुआ. टीवीके ने पुलिस और डीएमके सरकार के खिलाफ अपने आरोपों को साबित करने के लिए सबूत जमा किए हैं.
टीवीके ने सीबीआई को दिए अपने बयान में आरोप लगाया है कि डीएमके सरकार और पुलिस की तरफ से हुई चूक की वजह से भगदड़ मची. पार्टी ने ऑफिशियल बयानों में विरोधाभासों को भी हाईलाइट किया है.
मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने राज्य विधानसभा को बताया कि आयोजन स्थल पर 607 से ज्यादा पुलिस वाले तैनात थे, जबकि डीजीपी (आर्म्ड पुलिस) डेविडसन देवसिरवथम ने यह संख्या 500 बताई थी, जिससे यह सवाल उठने लगे कि कौन सा आंकड़ा सही है?
Karur Stampede Case – टीवीके सूत्रों ने कहा कि पार्टी ने सीबीआई को पुलिस की अपर्याप्त तैनाती और रोडब्लॉक हटाने में नाकामी के बारे में बताया, जिससे आयोजन स्थल तक पहुंचने में देरी हुई और ट्रैफिक जाम हो गया.
