जिस शख्स के लिए मैंने अपना घर छोड़ा, जिससे बेपनाह मोहब्बत की और साथ जीने-मरने की कसमें खाईं, वही मेरी कोख से जन्मी बेटियों का कातिल निकलेगा, ये मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था… यह करुण पुकार उस मां की है, जिसकी दो मासूम जुड़वा बेटियों को उसके ही पिता ने मौत की नींद सुला दिया. कानपुर के (murder of twin daughters) नौबस्ता स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में आज जो कुछ भी हुआ, उसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है.
murder of twin daughters – पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी की रहने वाली रेशमा और बिहार के शशि रंजन मिश्रा की प्रेम कहानी साल 2014 में शादी के मुकाम तक पहुंची थी. शुरुआत में सब कुछ किसी सुनहरे सपने जैसा था, लेकिन जुड़वा बेटियों रिद्धि और सिद्धि (11 वर्ष) के जन्म के बाद शशि नशे के दलदल में धंसता चला गया. धीरे-धीरे प्यार की जगह शक और नफरत ने ले ली.
‘बेटे को ले जाओ, बेटियां मेरी हैं’
रेशमा के मुताबिक, शशि अक्सर शराब के नशे में मारपीट करता था. वह कहता था, “बेटे को लेकर मायके चली जाओ, मैं अपनी बेटियों को खुद पाल लूंगा.” एक बार जब रेशमा मायके गई, तो शशि ने बेटियों को साथ भेजने से साफ इनकार कर दिया. उसे पत्नी के चरित्र पर शक था, जो धीरे-धीरे एक सनक में बदल गया.
खून से सनी लाशें और खामोश कातिल
रेशमा ने बताया कि उसने रात करीब 1:30 बजे सीसीटीवी में एक बेटी को वॉशरूम जाते देखा था, तब तक सब ठीक था. लेकिन सुबह करीब 4:30 बजे खुद शशि ने पुलिस को फोन किया और बताया कि उसने अपनी बेटियों की हत्या कर दी है. जब पुलिस पहुंची, तो शशि अपनी ही बेटियों की खून से सनी लाशों के बगल में पत्थर दिल बनकर बैठा था. उसने बिना किसी विरोध के खुद को पुलिस के हवाले कर दिया.


