रांची : झारखंड में जेपीएससी (JPSC-PT) तथा जेएसएससी (JSSC-CGL) जैसी प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं और धांधली के विरुद्ध छात्रों का आंदोलन अब व्यापक (JPSC exam irregularities case) राजनीतिक रूप लेता जा रहा है।
JPSC exam irregularities case – असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट साझा कर आंदोलनरत छात्रों के प्रति अपना पूर्ण नैतिक समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार से आग्रह किया है कि वे छात्रों की न्यायसंगत और जायज मांगों को अविलंब स्वीकार कर उनके साथ न्याय सुनिश्चित करें।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने वक्तव्य में कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें JSSC-CGL अभ्यर्थियों की वेदना, आक्रोश और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर उनके संशय को अत्यंत करीब से देखने व सुनने का अवसर मिला था। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज जो युवा अपने स्वर्णिम भविष्य, ईमानदारी और न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं, वे उनकी भावनाओं व मांगों को भली-भांति समझते हैं और उनके संघर्ष में उनके साथ खड़े हैं।
सीआईडी (CID) का बड़ा एक्शन, 5 जिलों के 18 ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन जारी
सीआईडी की विशेष टीमों ने राज्य के 5 प्रमुख जिलों में स्थित 18 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाकर महत्वपूर्ण गोपनीय दस्तावेज, डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य सामग्री जब्त की है। जांच के क्रम में पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते से भी पूछताछ की जा चुकी है, जबकि पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी सहित कई संदिग्धों के परिसरों पर छापेमारी की गई है। सीआईडी परीक्षा संचालन, उत्तर पुस्तिकाओं के रखरखाव और चयन प्रक्रिया के सभी संदिग्ध बिंदुओं की गहन पड़ताल कर रही है।
