नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा के पिता पर जानलेवा हमला करने के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस द्वारा कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को उसकी (Jantar Mantar Assault Case) गिरफ्तारी का भरोसा दिए जाने के कुछ ही घंटों बाद आरोपी फरार हो गया था। हालांकि, मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC-ST) अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं जुड़ने और तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस ने त्वरित घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।
Jantar Mantar Assault Case – प्रदर्शनकारी छात्रा निशु आजाद के पिता संजय आजाद पर हमले का आरोपी एक पॉडकास्ट में खुलेआम मारपीट की बात स्वीकारते और शेखी बघारते हुए नजर आया था। पॉडकास्ट की वीडियो क्लिप वायरल होते ही नागरिक संगठनों और विपक्षी दलों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सार्वजनिक मंचों पर सवाल उठाया कि स्वतंत्र भारद्वाज अब तक जेल की सलाखों के पीछे क्यों नहीं है, तथा उसे राजनीतिक संरक्षण दिए जाने का आरोप लगाया। दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक संरक्षण के सभी आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि पूरी जांच कानूनी प्रक्रिया एवं साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष रूप से की जा रही है।
BNS की धाराओं के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित की प्राथमिक मेडिकल रिपोर्ट में खोपड़ी में फ्रैक्चर होने की पुष्टि नहीं हुई थी और चोटों को चिकित्सकीय भाषा में साधारण श्रेणी में रखा गया था।


