पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी में एक निजी स्कूल के केयरटेकर द्वारा तीन साल की बच्ची के साथ किए गए रेप मामले में नया अपडेट सामने आया है। अब पुलिस ने इस मामले में स्कूल की एक महिला टीचर को भी अरेस्ट कर लिया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिक्षिका को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए शिक्षिका से लगातार पूछताछ कर रही है।
⚖️ कोर्ट की कार्रवाई: पुलिस ने मांगी थी 2 दिन की रिमांड, मिली 1 दिन की कस्टडी
पुलिस ने कोर्ट से जांच और विस्तृत पूछताछ के लिए शिक्षिका की दो दिन की पुलिस हिरासत मांगी थी। हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद केवल एक दिन की ही पुलिस कस्टडी मंजूर की। पुलिस की टीमें अब टीचर से यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस जघन्य अपराध में उसकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका थी या उसने सबूतों को छिपाने की कोशिश की।
🏢 एडमिशन के दूसरे दिन ही हुई वारदात: पीड़िता की मां ने टीचर को भी बनाया आरोपी
यह हृदयविदारक घटना 1 मई की है। पीड़ित बच्ची की मां ने जनकपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी का दाखिला 30 अप्रैल को ही स्कूल में हुआ था। आरोपी केयरटेकर ने एडमिशन के दूसरे ही दिन बच्ची के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया। मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर में महिला टीचर का नाम भी आरोपी के तौर पर शामिल किया है।
📑 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज: आरोपी केयरटेकर को पहले मिल चुकी है बेल
पुलिस के अनुसार, जब बच्ची स्कूल से घर वापस आई तो उसने दर्द की शिकायत की और बताया कि केयरटेकर उसे सुनसान जगह पर ले गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 64(1) और पॉक्सो (POCSO) कानून के तहत मामला दर्ज किया। 57 वर्षीय आरोपी केयरटेकर को 1 मई को ही गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन 7 मई को उसे अदालत से जमानत मिल गई थी। अब पुलिस ने इस जमानत के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की है।
📽️ सबूतों की जांच और गंभीर आरोप: सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर जब्त
पीड़िता की मां ने पुलिस पर भी लापरवाही और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसे पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पेशेवर तरीके से की जा रही है। साक्ष्य के तौर पर स्कूल के सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर को जब्त कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित करेंगे ताकि मासूम बच्ची को न्याय मिल सके।


