जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के रामनगर क्षेत्र में सोमवार को एक भीषण सड़क हादसा हुआ. यहां कोहाट क्षेत्र में एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे 21 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं 31 लोग (Jammu Bus Accident) गंभीर रूप से घायल हो गए. इनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है. सभी को इलाज के लिए अस्पातल में भर्ती कराया गया है.
कोहाट क्षेत्र में खतरनाक मोड़
वहीं यह दर्दनाक सड़क हादसा कई गंभीर सवाल खड़े करता है. शुरुआती जानकारी और स्थानीय लोगों के बयानों से साफ है कि इस हादसे के पीछे एक नहीं, बल्कि कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं. सबसे प्रमुख वजह कोहाट क्षेत्र का खतरनाक मोड़ माना जा रहा है. रामनगर से उधमपुर की ओर आते समय कोहाट क्षेत्र में पुल से ठीक पहले एक तीखा मोड़ पड़ता है, जिसे पहले से ही दुर्घटना प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता है.
चेतावनी संकेत तक नहीं लगाया गया
हैरानी की बात यह है कि यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए. न तो स्पष्ट चेतावनी संकेत मौजूद हैं और न ही सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं. दूसरा बड़ा कारण वाहन पर नियंत्रण खोना बताया जा रहा है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आशंका है कि बस का टायर फट गया, जिससे वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया. पहाड़ी और घुमावदार सड़क होने के कारण ड्राइवर को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिला और बस लगभग 150 फीट गहरी खाई में जा गिरी.
बस के ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग के 8 चालान
तीसरा महत्वपूर्ण पहलू वाहन से जुड़ी लापरवाही का है. जिस बस का हादसा हुआ, उसका रिकॉर्ड पहले से ही संदिग्ध बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, उस पर ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग के (Jammu Bus Accident) आठ चालान पहले भी कट चुके थे. इसके बावजूद ऐसे वाहन का सड़कों पर चलना ट्रैफिक व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठाता है.

