जालंधर: रीजनल ट्रांसपोर्ट कार्यालय (RTO) के अधीन आने वाले बस स्टैंड के नजदीक स्थित ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर में तकनीकी दिक्कत आने से कई महत्वपूर्ण नागरिक सेवाएं बाधित रहीं।
दोपहर करीब 12:30 बजे अचानक सर्वर में आई तकनीकी खराबी के चलते ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूअल (Driving License Renewal), इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट/लाइसेंस तथा अन्य संबंधित कार्य लगभग 3 घंटे तक पूरी तरह प्रभावित रहे।
इस दौरान अपने जरूरी कार्य करवाने पहुंचे आवेदकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और उन्हें अपनी बारी के लिए घंटों तक कतारों में इंतजार करना पड़ा। ऑनलाइन सिस्टम ठप होने की वजह से पूर्व निर्धारित समय (स्लॉट) लेकर पहुंचे लोग भी फंसे रहे, जिनमें विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और महिला आवेदकों को अधिक कठिनाई हुई।
⏱️ दोपहर 12 बजे के बाद आई तकनीकी खराबी: करीब 2:30 बजे बहाल हुआ ऑनलाइन सिस्टम
सर्वर डाउन रहने और कार्यप्रणाली में सुधार का ब्योरा:
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दोपहर में ठप हुआ सर्वर: जानकारी के अनुसार, सेंटर के सर्वर में दोपहर करीब 12 बजे के आसपास अचानक दिक्कत आनी शुरू हुई, जिसका सीधा असर ऑनलाइन डेटा प्रोसेसिंग और वेरिफिकेशन पर पड़ा।
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2:30 बजे शुरू हुआ काम: दोपहर करीब 2:30 बजे तकनीकी टीम द्वारा समस्या का समाधान किए जाने के बाद सिस्टम सामान्य हुआ और कर्मचारियों ने लंबित फाइलों व आवेदनों का निपटारा शुरू किया।
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समय की बर्बादी से नाराजगी: आवेदकों ने रोष जताते हुए कहा कि स्लॉट बुक करने के बावजूद सर्वर डाउन होने से उनका कीमती समय बर्बाद होता है।
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बैकअप सिस्टम की मांग: लोगों ने मांग रखी कि विभाग को ऐसी तकनीकी दिक्कतों से निपटने के लिए मजबूत वैकल्पिक अथवा ऑफलाइन बैकअप व्यवस्था रखनी चाहिए ताकि सर्वर डाउन होने पर काम पूरी तरह न रुके।
🚗 ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर प्रक्रिया रही सामान्य: टेस्ट देने पहुंचे अभ्यर्थियों को मिली राहत
ट्रैक पर टेस्ट की स्थिति और सेवाओं का विवरण:
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ट्रैक पर जारी रहे टेस्ट: मुख्य सर्वर में समस्या के बावजूद ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर प्रैक्टिकल ड्राइविंग टेस्ट की प्रक्रिया निरंतर और सुचारू रूप से चलती रही।
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अभ्यर्थियों पर नहीं पड़ा असर: जिन आवेदकों का ड्राइविंग स्किल टेस्ट निर्धारित था, उनके टेस्ट तय समय-सारिणी के अनुसार लिए गए और ट्रैक स्टाफ पूरी मुस्तैदी से काम में जुटा रहा।
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काउंटरों पर बढ़ी भीड़: हालांकि टेस्ट देने के बाद लाइसेंस संबंधी औपचारिकताओं और नवीनीकरण वाले काउंटरों पर सिस्टम ठप रहने के कारण कुछ समय के लिए सेंटर में भारी भीड़ जमा हो गई थी।
⚙️ ऑनलाइन तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की मांग: सिस्टम सुचारू होने पर ली राहत
आवेदकों की समस्याएं और विभागीय सुधार की आवश्यकता:
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ऑनलाइन निर्भरता अधिक: लोगों का कहना है कि आरटीओ विभाग से संबंधित लगभग सभी सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन प्रणाली पर निर्भर हो चुकी हैं, ऐसे में सर्वर की मामूली खराबी भी सैकड़ों आवेदकों का काम रोक देती है।
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मजबूत सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर की दरकार: आवेदकों ने परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की कि सर्वर क्षमता को बढ़ाया जाए और तकनीकी नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाया जाए।
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दोपहर बाद स्थिति सामान्य: दोपहर 2:30 बजे के बाद तकनीकी बाधा दूर होते ही सेंटर के सभी काउंटरों पर सामान्य रूप से कामकाज बहाल हो गया, जिसके बाद आवेदकों ने राहत की सांस ली।


