जालंधर। पंजाब के जालंधर स्थित सिविल अस्पताल परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक गर्भवती महिला ने कृष्णा लैब के बाहर खुले में ही बच्चे को जन्म दे दिया। इस घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में अस्पताल के कर्मी तुरंत स्ट्रेचर लेकर कृष्णा लैब के बाहर पहुँचे और प्रसूता व नवजात शिशु को तत्काल प्राथमिक उपचार (Jalandhar Civil Hospital News) देते हुए गायनी (स्त्री रोग) वार्ड में शिफ्ट किया गया।

 गोराया से डिलीवरी कराने आई थी महिला

Jalandhar Civil Hospital News – गोराया की रहने वाली सुशीला नामक महिला को दो महिलाएं डिलीवरी कराने के लिए सिविल अस्पताल लेकर पहुँची थीं। अस्पताल परिसर में पैदल चलते समय अचानक सुशीला की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और असहनीय प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इसके चलते उसने कृष्णा लैब के बाहर ही बच्चे को जन्म दे दिया। राहत की बात यह है कि वर्तमान में महिला और नवजात शिशु दोनों की हालत पूरी तरह स्थिर है और गायनी वार्ड में डॉक्टरों की गहन देख-रेख में उनका इलाज चल रहा है।

अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई

इस संवेदनशील मामले में सिविल अस्पताल प्रशासन का आधिकारिक बयान भी सामने आया है। प्रशासन के अनुसार, सुबह अस्पताल  के डॉक्टर नियमित राउंड पर जा रहे थे, तो उन्होंने देखा कि एक महिला जमीन पर पैरों के बल बैठी हुई है। डॉक्टरों को भांपते देर न लगी कि महिला प्रसव की स्थिति में है। डॉक्टरों ने तुरंत नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ को फोन करके स्ट्रेचर के साथ बाहर बुलाया, लेकिन जब तक टीम पहुँची, तब तक डिलीवरी हो चुकी थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सुशीला ने अपने पांचवें बच्चे को जन्म दिया है और प्रसव के तुरंत बाद डॉक्टर मौके पर मौजूद थे।

Share.
Exit mobile version