jabalpur Cruise Accident: मां का प्रेम इस दुनिया में सबसे बड़ा और सबसे पवित्र है, जिसे मौत भी नहीं छीन सकती… जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक ऐसी घटना साझा की है, जिसे सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गई हैं.
हादसे के रेस्क्यू ऑपरेशन का जिक्र करते हुए शास्त्री जी ने बताया कि जब मलबे से शवों को निकाला जा रहा था, तब एक दिल दहला देने वाला दृश्य सामने आया. एक मां ने अपने 4 साल के मासूम बच्चे को सीने से इस कदर कसकर लिपटा रखा था कि मौत के बाद भी उसकी पकड़ ढीली नहीं पड़ी. अंतिम सांस तक वो मां अपने बच्चे के लिए ढाल बनी रही. धीरेंद्र शास्त्री ने इस ममता को नमन करते हुए कहा कि यह घटना निस्वार्थ और अटूट प्रेम की सर्वोच्च मिसाल है.
बाबा बागेश्वर बोले- बरगी बांध की घटना ने हृदय को झकझोर दिया है. उस मां का अपने बालक को अंतिम क्षण तक सीने से लगाए रखना यह सिद्ध करता है कि संसार में मां से ऊंचा कोई तीर्थ नहीं. दोनों का शरीर शांत हो गया. पर मौत भी मां को बच्चे से जुदा ना कर सके. तंत्र और मशीनों की लापरवाही ने कई घर उजाड़ दिए. दोषियों पर कठोरतम दंड ही पीड़ित परिवारों को न्याय दिला पाएगा.
पायलट समेत कई कर्मचारी बर्खास्त
इस बीच, 9 जिंदगियों को लील लेने वाले इस हादसे पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. जांच में सामने आया कि खराब मौसम और लाइफ जैकेट न पहनाने जैसी गंभीर लापरवाहियों के कारण यह हादसा हुआ.
अब तक की मुख्य कार्रवाई
क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल और टिकट इंचार्ज बृजेंद्र को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है. होटल मैकल रिसॉर्ट के मैनेजर सुनील मरावी को निलंबित किया गया है. क्षेत्रीय मैनेजर संजय मल्होत्रा का तबादला कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं.


