सागर: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सागर की 6 साल की ‘योगिनी’ प्रकृति तिवारी ने अपनी अद्भुत प्रतिभा और अनुशासन से सबको चकित कर दिया। प्रकृति ने योगचार्य विष्णु आर्य के साथ मिलकर सैकड़ों लोगों को योगाभ्यास कराया। इतनी कम उम्र में योग की बारीकियां समझाते हुए प्रकृति एक पेशेवर प्रशिक्षक की तरह आत्मविश्वास से भरी नजर आईं।
💪 अनुशासन और संकल्प की मिसाल
प्रकृति पिछले 285 दिनों से बिना एक भी दिन के विराम के लगातार योग कर रही है। वह प्रतिदिन कम से कम 12 सेट सूर्य नमस्कार (लगभग 144 आसन) और 10 अन्य महत्वपूर्ण योगासन करती है। उसका व्यक्तिगत रिकॉर्ड एक बार में लगातार 45 सेट सूर्य नमस्कार (540 आसन) करने का है, जो उसकी दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
📚 पढ़ाई और योग का बेहतरीन तालमेल
प्रकृति के पिता महेश तिवारी बताते हैं कि योग ने न केवल उसके स्वास्थ्य बल्कि पढ़ाई पर भी सकारात्मक प्रभाव डाला है। स्कूल में उसकी उपस्थिति 100 प्रतिशत रही है और उसे ‘बेस्ट अटेंडेंस’ का अवार्ड भी मिल चुका है। योग ने उसे अनुशासित दिनचर्या का पालन करना सिखाया है, जिससे वह जंक फूड और स्क्रीन टाइम जैसी आदतों से कोसों दूर रहती है।
🌍 स्वस्थ जीवनशैली का संदेश
आज के दौर में जब बच्चे मोबाइल और गैजेट्स के आदी हो रहे हैं, प्रकृति एक स्वस्थ जीवनशैली का उदाहरण बनी है। प्रकृति का सपना है कि वह योग के जरिए अपने शहर ‘सागर’ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाए और अधिक से अधिक लोगों को स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करे।
👨👩👧 परिवार के लिए योग बना जीवनदान
प्रकृति के पिता महेश तिवारी खुद योग प्रशिक्षक हैं। उन्होंने कोविड काल के दौरान मरीजों को योग का प्रशिक्षण दिया था। उनकी पत्नी साक्षी तिवारी ने भी कोरोना संक्रमण से लड़ाई में योग और प्राणायाम की मदद ली थी, जो उनके परिवार के लिए संजीवनी साबित हुआ। प्रकृति की यह यात्रा साबित करती है कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि सकारात्मक जीवन जीने की एक कला है।


