इंदौर : मध्य प्रदेश के सबसे हाई-प्रोफाइल और बहुचर्चित हनीट्रैप मामले में क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (SIT) ने एक बड़ी कानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसआईटी ने मामले की गहन पूछताछ के बाद इस रैकेट से जुड़े सात मुख्य आरोपियों को कड़े सुरक्षा घेरे के बीच जिला न्यायालय में पेश किया, जहां से माननीय (Big Action In Indore Honeytrap Case) कोर्ट ने सभी की दलीलें सुनने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के सख्त आदेश जारी कर दिए हैं।
जेल भेजे गए मुख्य आरोपियों में श्वेता विजय जैन, अल्का दीक्षित, जयदीप दीक्षित, रेशु चौधरी, लाखन चौधरी, विनोद शर्मा और जितेंद्र पुरोहित शामिल हैं। आपको बता दें कि इस पूरे सनसनीखेज गिरोह और ब्लैकमेलिंग के नेटवर्क का भंडाफोड़ तब हुआ था, जब इंदौर के प्रसिद्ध शराब कारोबारी चिंटू ठाकुर की ओर से इन सभी प्रभावशाली आरोपियों के खिलाफ लिखित में जबरन वसूली और डराने-धमकाने की गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई थी।
इसे भी पढ़ें – भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मामले में बड़ा एक्शन; मृतका की सास गिरीबाला सिंह को पुलिस का नोटिस
इसी बीच, इस हाई-प्रोफाइल हनीट्रैप केस में एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मध्य प्रदेश आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) की भी एंट्री हो गई है। राज्य और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए एसआईटी की कार्रवाई से ठीक पहले एटीएस की एक विशेष टीम ने आरोपी रेशू चौधरी के ठिकाने पर अचानक दबिश दी।
Big Action In Indore Honeytrap Case – एटीएस ने रेशू के घर से वह मुख्य स्मार्टफोन और डिजिटल डिवाइस सफलतापूर्वक जब्त कर ली है, जिसके माध्यम से वीआईपी (VIP) लोगों के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो कथित रूप से अलग-अलग सर्वरों और रसूखदारों को ब्लैकमेल करने के लिए इधर-उधर भेजे गए थे।


