इंदौर: इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र के गौरी नगर में एक अत्यंत दुखद मामला सामने आया है, जहां बिहार के रहने वाले युवक राजकुमार कुशवाहा ने अपने कमरे में जान दे दी। मृतक एनआईटी हैदराबाद से बीटेक की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन कथित मानसिक प्रताड़ना और डिप्रेशन के चलते उसे पढ़ाई छोड़कर इंदौर में एक कपड़ा फैक्ट्री में मजदूरी करनी पड़ी।
🎓 रैगिंग और प्रताड़ना बनी डिप्रेशन की वजह
मृतक के भाई हरदयाल ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि हैदराबाद के कॉलेज में राजकुमार को सीनियर परेशान करते थे और उसके साथ मारपीट की जाती थी। हरदयाल के अनुसार, एक शिक्षक ने उसे धमकी दी थी कि वह उसे कभी पास नहीं होने देगा। इस प्रताड़ना से राजकुमार गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में चला गया था, जिसके कारण उसका वजन भी 20 किलो तक कम हो गया था।
📉 पढ़ाई का सपना और कर्ज का बोझ
राजकुमार इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए करीब 6 लाख रुपये का कर्ज ले चुका था। फर्स्ट ईयर में ही शैक्षणिक दबाव और प्रताड़ना के कारण वह अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाया। परिवार ने उसे डिप्रेशन से बाहर निकालने के लिए इंदौर भेजा था, जहां वह सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहा था, लेकिन शायद अवसाद ने उसे पूरी तरह जकड़ लिया था।
👮 पुलिस जांच और अगले कदम
एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के अनुसार, पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। हालांकि मृतक ने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है, लेकिन पुलिस अब उस कपड़ा फैक्ट्री के सहकर्मियों के बयान दर्ज करेगी, जहां वह काम करता था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इंदौर में भी उसे किसी ने परेशान किया था या फिर यह उसी पुराने मानसिक तनाव का नतीजा है।


