नई दिल्ली/टोक्यो: भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने तथा सेमीकंडक्टर चिप और ऑटोमोटिव कंपोनेंट निर्माण को नई गति प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने टोक्यो में घोषणा की है कि सरकार आगामी दो महीनों (60 दिनों) के भीतर मौजूदा नियमों में आवश्यक संशोधन करेगी और नए नियम लागू करेगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की सभी रेगुलेटरी व नीतिगत चिंताओं का पूर्ण समाधान किया जा सके।

‘निक्केई एशिया’ के साथ बातचीत में पीयूष गोयल ने बताया कि उन्होंने भारत में मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने की इच्छुक दो प्रमुख वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा कर उनकी सभी तकनीकी व नियामकीय समस्याओं का समाधान कर दिया है। मंत्री ने इस बात को स्पष्ट रूप से खारिज किया कि भारत को चीन के विकल्प के तौर पर केवल एक “प्लस वन डेस्टिनेशन” माना जाए; भारत अपने दम पर एक स्वतंत्र और मजबूत ग्लोबल प्रोडक्शन सेंटर बनने की क्षमता रखता है।

India will become global chip hub – केंद्रीय कैबिनेट द्वारा स्वीकृत ‘सेमीकॉन 2.0’ के अंतर्गत निजी क्षेत्र के सहयोग से अगले 1 से 1.5 वर्षों में सेमीकंडक्टर और संबंधित इकोसिस्टम में लगभग 50 अरब डॉलर के निवेश की योजना को धरातल पर उतारा जाएगा। पीयूष गोयल ने कहा कि यह यात्रा यहीं समाप्त नहीं होगी; इस चरण के सफल क्रियान्वयन के बाद सरकार भारत को तकनीकी रूप से पूर्ण आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘सेमीकंडक्टर 3.0’ मिशन का शुभारंभ करेगी।

 

 

Share.
Exit mobile version