हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में कुदरत ने कहर बरपाया है. थुरल के पास स्थित बछवाई गरडेर गांव में अचानक ज़मीन धंस गई. देखते ही देखते 13 मकान पूरी तरह जमींदोज़ हो गए. हालात की गंभीरता (Village collapsed in Kangra) को देखते हुए प्रशासन ने इलाके को सील कर दिया है और राहत व बचाव कार्य का ज़िम्मा सेना ने संभाल लिया है.
ग्रामीणों के अनुसार, 15 सितंबर की रात अचानक तेज़ बारिश हुई. बारिश थमने के कुछ समय बाद ज़मीन धीरे-धीरे खिसकने लगी. शुरुआत में लोग समझ नहीं पाए कि आखिर हो क्या रहा है, लेकिन देखते ही देखते ज़मीन धंसने की गति तेज़ हो गई. ग्रामीण दहशत में एक-दूसरे को फोन करने लगे और जैसे-तैसे घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग निकले.
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सुबह होते-होते स्थिति और भयावह हो गई. ज़मीन इतनी धंस गई कि पक्के मकान पलभर में धराशायी हो गए. करीब एक किलोमीटर लंबे क्षेत्र में ज़मीन 10 फुट नीचे धंस गई और सड़क पर 11 से 15 फुट गहरी दरारें पड़ गईं. सड़क अब दो हिस्सों में बंट चुकी है और बीच में गहरी खाई बन गई है.
Village collapsed in Kangra – प्रशासन ने हालात बिगड़ते देख तत्काल सेना को बुलाया. मौके पर पहुंचे सेना के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अर्पित प्रीक ने बताया, इलाके की स्थिति बेहद नाज़ुक है. आर्मी युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य कर रही है. प्रभावित परिवारों के सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और मेडिकल टीम घायलों व बीमारों को तत्काल उपचार दे रही है.
