नई दिल्ली : निगम की स्थायी समिति में भाजपा को बहुमत मिलने या फिर भाजपा व आप के सदस्यों की संख्या बराबर रहने के संबंध में बृहस्पतिवार को सदन की बैठक में जोरदार हंगामा हुआ। एमसीडी सदन की बैठक में मेयर फिर पहुंची। जिसके बाद उन्होंने 5 अक्टूबर
तक सदन को (Huge Uproar In MCD House) स्थगित कर दिया है।
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एमसीडी सदन के बाहर सबसे पहले हंगामा शुरू हुआ। दिल्ली पुलिस पार्षदों को मोबाइल फोन सदन में नहीं ले जाने दे रही है। इसके विरोध में आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने नारेबाजी शुरू कर दी।एमसीडी सदन में आम आदमी पार्टी का एक भी पार्षद अंदर नहीं आया है जबकि भाजपा पार्षद और अधिकारी अपनी सीटों पर बैठ चुके थे। मेयर भी सदन में नहीं पहुंची है। जबकि दो बजे साजन की बैठक शुरू होनी चाहिए थी।
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Huge Uproar In MCD House – मेयर ने निगम आयुक्त और निगम सचिव को आदेश दिया कि बाहर खड़े पार्षदों की बिना जांच के सदन के अंदर एंट्री कराई जाए। उन्होंने पार्षदों की जांच करने की प्रक्रिया का विरोध किया। उन्होंने इसे जनप्रतिनिधियों की छवि को ठेस पहुंचाने वाला कदम बताया। जिसके बाद सदन की कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थापित कर दी गई। निगम आयुक्त ने मेयर के जाने के बाद कहा कि सदन के अंदर मोबाइल फोन लाना अलाउड नहीं है। इस बारे में सभी पार्षदों को पहले अवगत करा दिया गया था। सदन के अंदर चुनाव होना और इसकी गोपनीयता बनाए रखना बहुत जरूरी है।

