हिसार: हरियाणा राज्य में इस बार दीपावली के पर्व से पहले ही ठंड ने अपनी गहरी दस्तक देनी शुरू कर दी है। मौसम में आए अचानक बड़े बदलाव के चलते पूरे प्रदेशभर में न्यूनतम तापमान पहली बार 13 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया है। राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिसके कारण सुबह और शाम के वक्त सिहरन भरी ठिठुरन साफ महसूस की जा रही है।
बालसमंद रहा सबसे ठंडा इलाका, बारिश और ओलावृष्टि बनी मुख्य वजह
भारत मौसम विज्ञान विभाग और कृषि मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, हिसार जिले का बालसमंद क्षेत्र 12.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ पूरे हरियाणा में सबसे ठंडा स्थान दर्ज किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले दो दिनों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई हल्की बारिश और छिटपुट ओलावृष्टि ही तापमान में आई इस अचानक गिरावट की सबसे बड़ी वजह है।
आने वाले दिनों में बारिश और तेज हवाओं के साथ बढ़ेगी सर्दी
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, आगामी 28 और 29 अक्टूबर को हरियाणा के अलग-अलग इलाकों में हल्की से लेकर मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके पश्चात 30 और 31 अक्टूबर को राज्य के कुछ चुनिंदा स्थानों पर बूंदाबांदी के साथ-साथ तेज ठंडी हवाएं भी चल सकती हैं। इन मौसमी गतिविधियों और नमी भरी हवाओं के प्रभाव से दिन और रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की अतिरिक्त गिरावट देखने को मिल सकती है।
कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने दी चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ की जानकारी
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि वर्तमान समय में दो अलग-अलग मौसमी प्रणालियां मौसम को प्रभावित कर रही हैं। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है, जिसका आंशिक असर हरियाणा की हवाओं की दिशा और नमी पर पड़ रहा है। इसके साथ ही, 29 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो रहा है। यदि इन दोनों प्रणालियों के कारण आने वाली नमी वाली हवाएं आपस में मिलती हैं, तो प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी और दिवाली के आसपास ठंड अपने तीखे तेवर दिखाने लगेगी।


