हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चंबा, शिमला और लाहौल-स्पीति सहित प्रदेश के कई इलाकों में बारिश के (Himachal Heavy Rain) कारण भारी नुकसान हुआ है। पहाड़ों से मलबा गिरने के कारण राज्य की 45 से अधिक सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है।
Himachal Heavy Rain – राजधानी शिमला के चक्कर में पहाड़ी से भारी मलबा गिरने के कारण सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया था, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, प्रशासन की कड़ी मशक्कत के बाद यातायात बहाल कर दिया गया है। वहीं, चंबा के सलूणी में अचानक आए फ्लैश फ्लड ने ग्रामीणों को भारी मुसीबत में डाल दिया। कई घरों में पानी घुसने से लोगों का कीमती सामान नष्ट हो गया।
लाहौल घाटी के जिस्पा में नाले में अचानक आई बाढ़ और भारी मलबे के कारण मनाली-लेह मार्ग को फिर से बंद करना पड़ा है। इस मार्ग के बंद होने से सैकड़ों पर्यटक और वाहन दोनों तरफ फंस गए हैं। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) की मशीनरी मौके पर तैनात है और युद्धस्तर पर सड़क बहाली का कार्य किया जा रहा है।
आपदा प्रबंधन की रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन की रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून तक बारिश के कारण कुल 45 सड़कें प्रभावित हुई हैं। सबसे अधिक असर मंडी (28) और कुल्लू (12) जिलों में देखा गया है। इसके अलावा, बारिश की वजह से राज्य भर में 84 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप हो गए हैं, जिससे कई इलाकों में अंधेरा छा गया है। प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है।
