हार्ट अटैक के बाद कई मरीजों की जान बचाने के लिए डॉक्टर एंजियोप्लास्टी (Heart Attack After Stent) के जरिए स्टेंट लगाते हैं। स्टेंट बंद या संकरी हुई कोरोनरी धमनी को खोलने का काम करता है, जिससे हृदय तक रक्त का प्रवाह सामान्य हो जाता है। हालांकि, कई लोगों के मन में यह धारणा बन जाती है कि एक बार स्टेंट लग जाने के बाद उन्हें दोबारा कभी हार्ट अटैक नहीं आएगा।
Heart Attack After Stent – विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी तरह सही नहीं है। स्टेंट केवल उस धमनी की रुकावट को दूर करता है, जहां ब्लॉकेज मौजूद होती है। लेकिन शरीर में नई जगहों पर ब्लॉकेज बनने की प्रक्रिया जारी रह सकती है। ऐसे में अगर जीवनशैली और स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दिया जाए, तो भविष्य में फिर से हार्ट अटैक का खतरा बना रहता है।
आपकी ये गलतियां बढ़ा सकती हैं दोबारा हार्ट अटैक का जोखिम
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धूम्रपान जारी रखना: सिगरेट और तंबाकू में मौजूद निकोटीन धमनियों को नुकसान पहुंचाता है और नई ब्लॉकेज बनने की संभावना बढ़ा देता है।
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दवाएं समय पर न लेना: कई मरीज कुछ महीनों बाद खुद ही दवाएं बंद कर देते हैं। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद करने से स्टेंट में थक्का बनने का खतरा बढ़ सकता है।
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खानपान में लापरवाही: अधिक तला-भुना भोजन, जंक फूड, ज्यादा नमक और मीठे पेय पदार्थ लगातार खाने से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
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शारीरिक गतिविधि से दूरी: अगर स्टेंट लगने के बाद मरीज बिल्कुल सक्रिय नहीं रहता है, तो मोटापा और अन्य जोखिम कारक बढ़ सकते हैं।
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