रांचीःमेयर और पार्षद के चुनाव संपन्न होने के बाद भारतीय जनता पार्टी की नजर अप्रत्यक्ष रूप से डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष के होने वाले चुनाव पर टिकी हुई है. भाजपा इसके लिए संगठनात्मक रूप से रणनीति तैयार करने में जुट गई है. पार्टी को उम्मीद है कि राज्य के सभी 48 नगर निकायों में डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष की सीटों पर भाजपा (now it is turn of deputy mayor) समर्थित प्रत्याशियों की जीत जरूर होगी. इसको लेकर महापौर या अध्यक्ष के अलावा पार्षद के पदों पर निर्वाचित होने वाले भाजपा समर्थित उम्मीदवार या पार्टी के कार्यकर्ता को चिन्हित किया जा रहा है.

प्रदेश भाजपा मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक के अनुसार महापौर और पार्षद के निर्वाचन में अन्य दलों के अपेक्षा भारतीय जनता पार्टी समर्थित उम्मीदवारों की जीत अन्य दलों से अधिक हुई है, इसका लाभ हमें डिप्टी मेयर के चुनाव में भी मिलेगा. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि राज्य के 9 नगर निगम क्षेत्र में पांच महापौर भारतीय जनता पार्टी के समर्थित उम्मीदवार जीते हैं. ऐसे में पार्टी का यह मानना है कि जहां पर महापौर उनके दल के समर्थित उम्मीदवार चुने गए हैं वहां डिप्टी मेयर भी अपने ही दल का हो और जहां महापौर या अध्यक्ष उनके दल के नहीं हैं वहां भी डिप्टी मेयर या उपाध्यक्ष भाजपा समर्थित लोग हों.

now it is turn of deputy mayor – शहरी क्षेत्र में अपना वोट बैंक मजबूत मान रही भाजपा को नगर निकाय चुनाव में उम्मीद के अनुरूप सफलता नहीं मिली है. राज्य के 48 शहरी निकाय क्षेत्र के सर्वोच्च पद महापौर/अध्यक्ष पद पर पार्टी समर्थित करीब 16 उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है. नौ नगर निगम में भाजपा समर्थित उम्मीदवार रांची, आदित्यपुर और मेदिनीनगर में जीत दर्ज करने में सफल रहे. बात यदि नगर परिषद की करें तो 20 सीटों में भाजपा समर्थित प्रत्याशी के झोली में तीन, कांग्रेस समर्थित दो, झामुमो समर्थित चार और स्वतंत्र उम्मीदवार 11 सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रहे.

 

 

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