चंडीगढ़ : हरियाणा में सभी निकायों (नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका) में एकरूपता से काम होंगे। एक नियम-कानून होंगे। हरियाणा नगर निकाय विधेयक-2025 विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पास हो गया। यह विधेयक लागू करने वाला हरियाणा देश में 11वां राज्य बन गया है। नए विधेयक से (rule of law in civic bodies) सभी निकाय संस्थाओं को आय के स्रोत बढ़ाने के लिए कर और शुल्क में बढ़ोतरी व कटौती की शक्ति भी मिली है। नगर निकाय अपराधों की सुनवाई के लिए नगर निकाय न्यायाधीश भी नियुक्ति की जाएगी।
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rule of law in civic bodies – बिहार, राजस्थान, केरल, झारखंड, त्रिपुरा, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और सिक्किम में सभी नगर निकाय एकल अधिनियम के अधीन संचालित हैं। कांग्रेस के विधायक भारत भूषण बतरा और आदित्य सुरजेवाला ने इस बिल पर चर्चा की मांग की और कहा कि इसे जल्दबाजी में लागू न किया जाए।
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हरियाणा विधानसभा में शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सात और विधेयक प्रस्तुत किए गए। चर्चा के बाद आठ विधेयक पास हो गए। हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 को संशोधित करने के लिए हरियाणा पंचायती राज (द्वितीय संशोधन) विधेयक-2025 पारित किया गया। सरकारी योजना के चिह्नित लाभार्थियों की पात्रता का अनुमोदन और ग्राम पंचायत विकास योजना ग्राम सभा तैयार करती है। अब ग्राम पंचायतें विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया के लिए कम सदस्यों की बैठकों में उपस्थिति सुनिश्चित कर सकेंगी। पंचकूला के माता मनसा देवी और बेरी के माता भीमेश्वरी देवी मंदिर से संबंधित (संशोधन) विधेयक पारित किए। हरियाणा अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती मेला प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक-2025 पास हो गया।

