पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में एक स्थानीय टीएमसी नेता की हत्या के बाद हुई हिंसा में 8 लोगों के जिंदा जलाए जाने पर गवर्नर (Governor) जगदीप धनखड़ ने दुख जताते हुए चिंता व्यक्त की है। इसके साथ ही राज्यपाल (Governor) ने बंगाल सरकार पर भी निशाना साधा है। अपना एक वीडियो ट्वीट करते हुए जगदीप धनखड़ ने लिखा, ‘भयानक हिंसा और आगजनी की घटना से संकेत मिलता है कि राज्य हिंसा की संस्कृति और जंगलराज के हवाले है। अब तक 8 लोगों की जान जा चुकी है। इस बारे में चीफ सेक्रेटरी से मैंने रिपोर्ट तलब की है। मेरी संवेदनाएं पीड़ितों के परिवारों के साथ हैं।’ इस बीच ममता बनर्जी सरकार ने घटना की जांच के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया है।
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Governor – राज्यपाल ने कहा, ‘इस घटना से मुझे गहरा दर्द हुआ है। मैंने इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है।’ राज्यपाल के इस बयान को लेकर राज्य सरकार की ओर से कोई रिएक्शन नहीं आया है। बता दें कि टीएमसी के पंचायत लीडर भादू शेख पर बम फेंककर 4 बदमाशों ने हमला कर दिया था और भाग गए थे। इसके बाद टीएमसी नेताओं के ही एक गुट ने हिंसा को अंजाम देना शुरू कर दिया और कई घरों को आग लगा दी गई। इसी घटना में करीब 10 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हालांकि प्रशासन ने 8 लोगों के ही मारे जाने की पुष्टि की है।
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कहा जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की आपसी गुटबाजी के चलते यह घटना हुई है। हालांकि टीएमसी ने इन आरोपों को खारिज किया है और बीरभूम जिले के नेता ने कहा था कि यह घटना आगजनी के चलते नहीं बल्कि शॉर्ट सर्किट की वजह से हुई है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के हवाले से कहा था कि एक ही घर से 7 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। ये शव इतनी बुरी तरह से जले थे कि उन्हें पहचान पाना ही मुश्किल था। यही नहीं यह तक जान पाना मुश्किल था कि मरने वाले महिला, पुरुष अथवा नाबालिग थे।
