रायपुर (छत्तीसगढ़): राजधानी के तेलीबांधा थाना क्षेत्र अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य की दुकान से लगभग 16 लाख रुपये मूल्य का सरकारी राशन गबन करने का गंभीर मामला सामने आया है।

खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा की गई आधिकारिक शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर तेलीबांधा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राशन दुकान संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी जोरा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 51 की राशन दुकान (आईडी क्रमांक: 442001026) का संचालक टोपेश्वर साहू है।

रायपुर मध्य जोन के डीसीपी तारकेश्वर पटेल ने बताया कि खाद्य विभाग की टीम ने 29 अक्टूबर को उक्त राशन दुकान का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान बड़ी संख्या में हितग्राहियों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें अक्टूबर माह के सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का निर्धारित चावल और शक्कर वितरित नहीं किया गया है।

📑 265 राशन कार्ड जब्त, बायोमेट्रिक सत्यापन कराकर नहीं दिया अनाज

धोखाधड़ी का तरीका और जांच के मुख्य बिंदु:

  • राशन कार्ड जब्ती: जांच टीम को मौके से लगभग 265 राशन कार्ड बरामद हुए, जिन्हें संचालक ने अवैध रूप से अपने पास जमा करा रखा था।

  • बायोमेट्रिक का दुरुपयोग: संचालक ने ई-पॉस (e-PoS) मशीन पर हितग्राहियों का बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठा) लगवा लिया, लेकिन उन्हें न तो राशन कार्ड लौटाया और न ही तय अनाज दिया।

  • स्टॉक में भारी अंतर: प्रारंभिक निरीक्षण में 81.07 क्विंटल और उसके बाद कुल रिकॉर्ड मिलान में 333.97 क्विंटल चावल की कमी उजागर हुई।

  • लापता दस्तावेज: दुकान में स्टॉक रजिस्टर और अनिवार्य सूचना पटल (डिस्प्ले बोर्ड) भी नदारद पाए गए।

⚖️ भौतिक सत्यापन में 389 क्विंटल चावल गायब, संचालक को भेजा गया जेल

विभागीय कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया:

  • निलंबन और हस्तांतरण: नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर खाद्य विभाग ने 4 नवंबर को संचालक टोपेश्वर साहू को निलंबित कर दुकान का प्रभार अन्य संस्था को सौंप दिया।

  • अंतिम ऑडिट रिपोर्ट: 7 नवंबर को दुकान हस्तांतरण के दौरान किए गए अंतिम भौतिक सत्यापन में कुल 389.24 क्विंटल (778.48 बोरी) चावल कम पाया गया।

  • वित्तीय हानि: इस सुनियोजित फर्जीवाड़े और गबन से शासन को कुल 15.91 लाख रुपये की प्रत्यक्ष वित्तीय हानि हुई।

  • ज्यूडिशियल रिमांड: तेलीबांधा पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर आरोपी टोपेश्वर साहू के खिलाफ अमानत में खयानत व धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

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