दुर्ग (छत्तीसगढ़): भिलाई क्षेत्र में शनिवार रात राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-53) पर डी मार्ट के समीप उस वक्त भारी अफरा-तफरी और दहशत का माहौल निर्मित हो गया, जब एक सीएनजी (CNG) गैस टैंकर से अचानक तीव्र रिसाव होने की सूचना मिली।
रात करीब 9:00 बजे घटित इस आपात स्थिति के बाद आसपास मौजूद राहगीरों और दुकानदारों में भगदड़ मच गई। जिस स्थान पर टैंकर से गैस का रिसाव शुरू हुआ, उससे कुछ ही दूरी पर एक बड़ा निजी अस्पताल और मैरिज पैलेस स्थित है। क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने किसी भी अनहोनी से बचने के लिए तुरंत मोर्चा संभाल लिया।
🛡️ पुलिस, CDRF और NHAI की टीमों ने संभाला मोर्चा, इलाके को सुरक्षा घेरे में लिया
गैस रिसाव की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल त्वरित रूप से घटनास्थल पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र को सील कर सुरक्षा घेरा (कॉर्डन) बना दिया।
इसके साथ ही नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रतिक्रिया बल (CDRF) और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की विशेष आपातकालीन टीमें भी साजो-सामान के साथ मौके पर पहुंच गईं। तकनीकी विशेषज्ञों ने हालात का त्वरित आकलन करते हुए गैस लीकेज को सुरक्षित रूप से रोकने के लिए मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए। किसी भी चिंगारी या ज्वलनशील गतिविधि को रोकने के लिए पूरे इलाके में लोगों की आवाजाही को सख्ती से नियंत्रित किया गया।
⛔ NH-53 बाईपास पर रोका गया यातायात, वाहनों की लगी लंबी कतारें
संभावित आगजनी या विस्फोट के खतरे को टालने के लिए एहतियात के तौर पर NH-53 बाईपास मार्ग पर दोनों तरफ का यातायात पूरी तरह रोक दिया गया।
अचानक रूट ब्लॉक किए जाने के कारण हाईवे पर सैकड़ों वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई। हालांकि, जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस और राहत बचाव दलों ने घटनास्थल के आसपास से सभी लोगों और वाहनों को सुरक्षित दूरी पर हटा दिया।
✅ राहत टीमों ने गैस लीकेज पर पाया नियंत्रण, बड़ा औद्योगिक हादसा टला
मौके पर मुस्तैद राहत टीमों ने सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए तकनीकी प्रक्रिया के तहत सीएनजी गैस लीकेज को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया।
गैस रिसाव बंद होने और स्थिति के सामान्य होने के बाद आसपास के नागरिकों, अस्पताल प्रशासन और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। समय रहते सभी राहत एजेंसियों के मौके पर पहुंचने से एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया।
🔍 तकनीकी खराबी की जांच शुरू, हाईवे पर सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
घटना के तुरंत बाद सुरक्षा व्यवस्था को सामान्य करते हुए यातायात को सुचारू रूप से बहाल कर दिया गया।
प्रशासनिक स्तर पर अब इस बात की विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है कि सीएनजी टैंकर से अचानक गैस रिसाव का मुख्य कारण क्या था और वाहन में किस स्तर पर तकनीकी खराबी आई थी। इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर अत्यधिक ज्वलनशील व गैस परिवहन करने वाले वाहनों की सुरक्षा जांच और आपातकालीन तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया है।


