उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर पर वाहन चालक अभी बिना टोल दिए ही दौड़ सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में उद्घाटन के बाद एक्सप्रेसवे यातायात के लिए खुल गया है, लेकिन टोल प्लाजा पर वसूली अभी शुरू नहीं हुई है. सूत्रों के अनुसार, टोल दरों के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद लगभग 10-15 दिनों में (Ganga Expressway Update) टोल कलेक्शन शुरू हो जाएगा. यूपीडा उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए टोल दरें पहले ही तय कर दी हैं. ये दरें प्रति किलोमीटर आधार पर हैं और पूरी दूरी मेरठ से प्रयागराज तय करने पर कार चालकों को करीब 1,515 तक का खर्च आ सकता है.
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- दोपहिया, तिपहिया व पंजीकृत ट्रैक्टर: 1.28 रुपये
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- कार, जीप, वैन व हल्के मोटर वाहन: 2.55 रुपये
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- हल्के वाणिज्यिक व हल्के माल वाहन / मिनी बस: 4.05 रुपये
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- बस, ट्रक: 8.20 रुपये
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- भारी निर्माण मशीनरी, अर्थमूविंग वाहन (3-6 एक्सल): 12.60 रुपये
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- 7 या अधिक एक्सल वाले भारी वाहन: 16.10 रुपये
120 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड तय
एक्सप्रेसवे पर अधिकतम स्पीड लिमिट 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है. टोल बंद प्रणाली Closed Toll System पर आधारित होगा, यानी वाहन जितनी दूरी तय करेगा, उतना ही टोल लगेगा. गंगा एक्सप्रेसवे को (Ganga Expressway Update) बेहद उच्च तकनीक और मजबूत संरचना के साथ तैयार किया गया है, ताकि यह भीषण गर्मी, भारी बारिश और करोड़ों टन भारी यातायात का दबाव आसानी से झेल सके.


