रांची : राजधानी रांची में 21 अगस्त को मुख्यमंत्री के पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान आंदोलनकारी छात्रों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार और लाठीचार्ज के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता चंपई सोरेन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हेमंत सोरेन सरकार पर कड़ा प्रहार किया। चंपई सोरेन ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के शीर्ष नेतृत्व के (targets hemant government) निर्देश पर ही संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज करा रहे छात्रों पर हमला किया गया।

 परीक्षाएं रद्द कर छात्रों को लड़ाने की साजिश

 पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि गठबंधन सरकार पिछले 7 वर्षों से सत्ता में है, लेकिन एक भी नियुक्ति प्रक्रिया निष्पक्षता व पारदर्शिता के साथ पूरी नहीं करा पाई। छात्र लगातार सभी विवादित परीक्षाओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से कराने की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार ने उनके विश्वास के साथ धोखा किया। एक सुनियोजित रणनीति के तहत 22 परीक्षाओं को रद्द किया गया, किंतु सरकार का यह फैसला अदालत में टिक नहीं सका, जिससे सरकार की विभाजनकारी मंशा उजागर होती है।

रांची, गिरिडीह और हजारीबाग में लाठीचार्ज निंदनीय 

चंपई सोरेन ने स्पष्ट किया कि अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए सत्ता पक्ष के लोग इस आंदोलन का दोष भाजपा पर मढ़ रहे हैं, जबकि यह पूरी तरह बेरोजगार छात्रों का गैर-राजनीतिक (targets hemant government) आंदोलन था। उन्होंने कहा कि जिस तरह रांची, गिरिडीह और हजारीबाग में हक मांग रहे निर्दोष युवाओं पर बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाई गईं, उसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है।

 

 

 

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