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    Home » कौन थे कर्पूरी ठाकुर, जिन्हें भारत रत्न से किया जाएगा सम्मानित

    कौन थे कर्पूरी ठाकुर, जिन्हें भारत रत्न से किया जाएगा सम्मानित

    January 24, 2024 देश 4 Mins Read
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    भारतीय राजनीति में ऐसे चंद ही लोग हैं, जो आज भी लोगों के लिए मिसाल है। इन्हीं में से एक थे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर। जिन्हें केंद्र सरकार ने भारत रत्न देने की घोषणा की है। भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षक, राजनीतिज्ञ कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिया जाएगा। आपको बता दें कि कर्पूरी ठाकुर को उनकी लोकप्रियता के कारण जननायक कहा जाता है।

    उनका जन्म बिहार के समस्तीपुर में हुआ था। बड़े होने पर राजनीति में आ गए और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया जो आजीवन खुला रहा। वे कांग्रेस की नीतियों के विरोधी थे और स्पष्टवादी नेता थे। मन में कुछ नहीं रखते थे। एक समय ऐसा आया जब आपातकाल में इंदिरा गांधी उन्हें गिरफ्तार करवाना चाहती थीं पर कामयाब नहीं हो सकीं। आइए जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से, जिस जननायक ने 35 साल पहले दुनिया को अलविदा कहा और अब उन्हें भारत रत्न मिलेगा।

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    2 बार रहे बिहार के सीएम

    यह तो आप सभी जानते हैं कि आजकल मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा कितनी सख्त होती है, पर कल्पना कीजिए कि एक मुख्यमंत्री बाइक पर बैठ कर कुछ विदेशी पत्रकारों से मिलने जाए और राह चलते लोग ठिठकते रहें। पर यह सच है।

    कर्पूरी ठाकुर इतने ही सरल थे। आम लोगों की फरियाद भी उतनी ही तल्लीनता से सुनते थे, जितने तल्लीन होकर प्रदेश  का कोई अहम काम निपटाते थे। कर्पूरी ठाकुर ने 1952 में पहली बार बिहार विधानसभा का चुनाव जीता और महज 28 वर्ष की उम्र में विधायक बने। इसके बाद जब तक जीवित रहे लोकतंत्र के किसी न किसी सदन में सदस्य के रूप में मौजूद रहे।

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    बिहार की सत्ता उन्होंने 1970 से 1979 के बीच 2 बार मुख्यमंत्री के रूप में संभाली। वह 22 दिसंबर 1970 को पहली बार मुख्यमंत्री बने पर उनकी सरकार 163 दिन ही चली थी। 1977 में जनता पार्टी की जीत के बाद वे फिर सीएम बने पर तब भी 2 साल से भी कम समय तक उनका कार्यकाल रहा। उनका 17 फरवरी, 1988 को निधन हो गया था।

    नाई समाज से संबंध रखने वाले ठाकुर का जन्म 24 जनवरी, 1924 को हुआ था। उन्हें बिहार की राजनीति में 1970 में पूरी तरह शराब पाबंदी लागू करने का श्रेय दिया जाता है। समस्तीपुर जिले में जिस गांव में उनका जन्म हुआ था, उसका नामकरण बाद में कर्पूरी ग्राम कर दिया गया था।

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    पीएम ने दी श्रद्धांजलि

    पीएम मोदी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मुझे इस बात की बहुत प्रसन्नता हो रही है कि भारत सरकार ने समाजिक न्याय के पुरोधा महान जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न से सम्मानित करने का निर्णय लिया है।

    उनकी जन्म-शताब्दी के अवसर पर यह निर्णय देशवासियों को गौरवान्वित करने वाला है। पिछड़ों और वंचितों के उत्थान के लिए कर्पूरी जी की अटूट प्रतिबद्धता और दूरदर्शी नेतृत्व ने भारत के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य पर अमिट छाप छोड़ी है। यह भारत रत्न न केवल उनके अतुलनीय योगदान का विनम्र सम्मान है, बल्कि इससे समाज में समरसता को और बढ़ावा मिलेगा।

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    वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुशी जताते हुए कहा कि उनकी पार्टी जनता दल की बहुत पुरानी मांग पूरी हो रही है जिससे समाज के वंचित तबकों में सकारात्मक संदेश जाएगा।बता दें कि कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने के लिए लंबे समय मांग उठ रही थी। इससे पहले जेडीयू नेता केसी त्यागी ने ठाकुर को भारत रत्न देने के साथ-साथ उनके नाम पर विश्वविद्यालय खोलने की मांग की थी।

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