मैनपुरी और खतौली जीतने के बाद समाजवादी पार्टी के हौसले बुलंद हैं। अब उसका फोकस संगठन को मजबूत करने में लगा है। (Focus On Strengthening The Organization) पार्टी किसी न किसी मुद्दे को लेकर जनता से जुड़े रहना चाहती है। सपा सूत्रों की मानें तो प्रदेश लेवल के नेता अब जिलों में जाकर पार्टी को मजबूती प्रदान करेंगे, वहां के नेताओं से मिलेंगे। पार्टी से सामंजस्य बैठा कर आगे चुनाव की तैयारी में लगेंगे। सपा का शीर्ष नेतृत्व चाहता है कि निकाय चुनाव के साथ पार्टी लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन कर सके।
इसे भी पढ़ें – लव जिहाद के खिलाफ विहिप का देशव्यापी अभियान, 31 दिसंबर को होगा समापन
सपा के एक कार्यकर्ता ने बताया कि मैनपुरी लोकसभा व खतौली विधानसभा चुनाव में मिली जीत से उत्साहित समाजवादी पार्टी को नगरीय निकाय चुनाव से भी बड़ी उम्मीदें हैं। पार्टी इस चुनाव के जरिए शहरी मतदाताओं में अपनी पैठ बनाना चाहती है। इसलिए पार्टी इस चुनाव में बड़ी तैयारी के साथ उतरने की रणनीति बना रही है। उन्होंने बताया इसके साथ ही अगर चुनाव टलता है तो पार्टी का पूरा फोकस संगठन को मजबूत करने में होगा। पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव खुद जिले जिले जाकर लोगो की नब्ज टटोलने का काम करेंगे।
इसे भी पढ़ें – पद कोई मायने नहीं रखता, सपा के लिए जीवन भर करूंगा काम – शिवपाल यादव
Focus On Strengthening The Organization – इटावा मैनपुरी और कानपुर के बाद अन्य जिलों में जाने का प्रोग्राम है। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष अन्य पदाधिकारी भी जिले का भ्रमण करेंगे। पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि निकाय चुनाव खत्म होने के बाद वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव आ जाएंगे। ऐसे में निकाय चुनाव का असर लोकसभा चुनाव पर भी पड़ेगा। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉक्टर आशुतोष वर्मा ने कहा कि सपा की सभी इकाइयां अभी तक भंग है। कुछ जिलों में अभी जिलाध्यक्ष उपचुनाव के दौरान बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर निकाय चुनाव टले तो पार्टी संगठन मजबूत करेगी। पार्टी की तरफ टीम बनाए जाने की संभावना है। हम मजबूत टीम के साथ लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।

