चक्रवात मोन्था का असर इस समय ओडिशा और आंध्र प्रदेश में देखने को मिल रहा है. इसके कारण भारी बारिश और तेज हवा चल रही है. मंगलवार रात में यह चक्रवात आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम तट से (fierce orgy of cyclone Montha) टकराया (लैंडफॉल) था. इस दौरान 90-100kmph की रफ्तार से हवा चली थी. प्रदेश के कई इलाकों में पेड़ गिरे हैं, इसके साथ ही समुद्री इलाके में बने कई मकान ढह गए हैं.

मोन्था चक्रवात के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा में जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है. ओडिशा के 15 से ज्यादा जिले प्रभावित हैं. इस चक्रवात के कारण अकेले आंध्र प्रदेश में 38,000 हेक्टेयर फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है. इसके अलावा 1.38 लाख हेक्टेयर में बागवानी फसलें भी नष्ट हुई हैं.

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मौसम विभाग की तरफ से पहले ही बारिश और आंधी तूफान का अलर्ट जारी किया गया था. इसके साथ ही तटीय क्षेत्रों में रह रहे लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की थी. चक्रवात के शुरू होने से अब तक 76,000 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. मोन्था के कारण सोमवार और मंगलवार को कुल 120 ट्रेनें रद्द की गई हैं. चक्रवात मोन्था के असर से आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है.

fierce orgy of cyclone Montha – इसके साथ ही विशाखापत्तनम से संचालित होने वाली 32 उड़ानों को रद्द कर दिया गया है. तरह, विजयवाड़ा एयरपोर्ट से भी16 उड़ानें रद्द की गईं हैं. सीएम एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि 3,778 गांवों में भारी बारिश का अनुमान है.

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