टीकमगढ़: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से सरकारी दस्तावेज़ों के दुरुपयोग का एक बेहद गंभीर और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी ने अपना तबादला (Fake Letter by AI) रुकवाने के लिए जिले के प्रभारी मंत्री के नाम से कथित तौर पर एक फर्जी लेटर तैयार कर लिया और उसे आधिकारिक दस्तावेज़ के रूप में कलेक्टर कार्यालय में पेश कर दिया। प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह लेटर आधुनिक ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) तकनीक की मदद से तैयार किया गया था।
ट्रांसफर रुकवाने के लिए कोर्ट से लेकर कलेक्टर तक लगाई गुहार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ MPW कर्मचारी के.एल. बंशकार का स्थानांतरण 7 जुलाई 2026 को नई ट्रांसफर नीति के तहत किया गया था। अपने इस स्थानांतरण को चुनौती देते हुए कर्मचारी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। न्यायालय से अभ्यावेदन पर सुनवाई के निर्देश मिलने के बाद, उसने कलेक्टर कार्यालय में आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत किए। इन्हीं दस्तावेज़ों के साथ प्रभारी मंत्री के नाम से जारी एक अनुशंसा पत्र (Recommendation Letter) भी संलग्न था, जिसमें कर्मचारी का स्थानांतरण निरस्त करने की सख्त सिफारिश दिखाई गई थी।
दस्तावेज़ों के सत्यापन में खुली AI की पोल
दस्तावेज़ों के रूटीन सत्यापन (Verification) के दौरान कलेक्टर कार्यालय के अधिकारियों को उक्त लेटर पर गहरा संदेह हुआ। जब लेटर का गहन परीक्षण किया गया, तो पाया गया कि लेटर पैड वास्तविक नहीं था, बल्कि एआई (AI) की सहायता से तैयार किया गया एक हूबहू फर्जी दस्तावेज़ था। यह गंभीर मामला सामने आते ही (Fake Letter by AI) जिला प्रशासन ने तत्काल सख्त कार्रवाई शुरू कर दी।


